जगमड़वा–हनईबंद (मरदकठेरा) चूना पत्थर (लाइमस्टोन) खनिज ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया रद्द

जगमड़वा–हनईबंद (मरदकठेरा) चूना पत्थर (लाइमस्टोन) खनिज ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया रद्द

00 304 हेक्टेयर क्षेत्र और 5.27 करोड़ टन भंडार के बावजूद नीलामी रद्द, खनन योजना पर ब्रेक

खैरागढ़. छत्तीसगढ़ शासन के खनिज साधन विभाग के अंतर्गत भूविज्ञान एवं खनन संचालनालय ने हनईबांध (मरदकठेरा) और जगमड़वा से जुड़े चूना पत्थर (लाइमस्टोन) खनिज ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया को औपचारिक रूप से रद्द कर दिया है। संचालनालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार खनिज नीलामी नियम, 2015 के नियम 9 की उपनियम 10 तथा निविदा शर्त क्रमांक 8.1 ए (ई) के तहत इस ब्लॉक की प्रथम नीलामी कोशिश (First Attempt) को निरस्त किया गया है। यह फैसला छुईखदान विकासखंड और आसपास के इलाकों के लिए एक अहम प्रशासनिक घटनाक्रम माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार हनईबांध–मरदकठेरा लाइमस्टोन ब्लॉक के लिए 5 अक्टूबर 2025 को निविदा आमंत्रण सूचना (NIT) जारी की गई थी और पूरी प्रक्रिया एमएसटीसी पोर्टल के माध्यम से संचालित की जा रही थी। अब प्रथम प्रयास के निरस्त होने के बाद इस चरण में किसी भी कंपनी को खनन अधिकार नहीं दिए जाएंगे और नीलामी प्रक्रिया फिलहाल शून्य मानी जाएगी। हालांकि आदेश में नीलामी रद्द करने के ठोस कारणों का उल्लेख नहीं है, लेकिन विभागीय नियमों के तहत इसे तकनीकी, प्रतिस्पर्धात्मक या प्रक्रियात्मक आधार पर लिया गया निर्णय बताया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि जगमड़वा–हनईबांध–मरदकठेरा चूना पत्थर ब्लॉक लगभग 304.209 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ था और इसे क्षेत्र का दूसरा सबसे बड़ा खनिज ब्लॉक माना जाता था। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) द्वारा किए गए G-2 स्तर के विस्तृत भूवैज्ञानिक अध्ययन में यहां लगभग 52.745 मिलियन टन (करीब 5.27 करोड़ टन) चूना पत्थर के विशाल भंडार की पुष्टि हुई थी। इतनी बड़ी खनिज क्षमता के बावजूद ब्लॉक का निरस्त होना खनन उद्योग के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल क्षेत्र की नजरें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं—क्या भविष्य में संशोधित शर्तों के साथ पुनः नीलामी होगी या इस खनिज क्षेत्र को लेकर कोई नई नीति अपनाई जाएगी।