नए नहर माइनर के विरोध में कोटरा के किसानों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

नए नहर माइनर के विरोध में कोटरा के किसानों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

किसानों ने कहा– मुख्य नहर से ही मिल रहा पानी, नए माइनर की नहीं है आवश्यकता

खैरागढ़. ग्राम कोटरा में प्रस्तावित नए नहर माइनर को लेकर किसानों ने विरोध जताते हुए बुधवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि सिद्धबाबा जलाशय से आने वाली मुख्य नहर के माध्यम से पहले से ही कोटरा टारबांध तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था उपलब्ध है, ऐसे में नए माइनर निर्माण की कोई आवश्यकता नहीं है। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि उनके हितों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित माइनर योजना को निरस्त किया जाए।

ज्ञापन में किसानों ने उल्लेख किया कि सुराडबरी से आने वाली मुख्य नाली के माध्यम से बने कुलापे से कोटरा टारबांध में पानी छोड़ा जा सकता है, जिससे क्षेत्र के किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिल रही है। किसानों का कहना है कि इसी व्यवस्था से राज्यपाल के गोदग्राम सोनपुरी, भीमपुरी और कुसमी क्षेत्रों को भी पानी उपलब्ध हो रहा है। ऐसे में नई माइनर योजना किसानों के लिए व्यावहारिक नहीं है और इससे अनावश्यक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

किसानों ने यह भी आशंका जताई कि नए माइनर निर्माण से खेती और भूमि से जुड़े कई व्यावहारिक संकट उत्पन्न हो सकते हैं। उनका कहना है कि यदि पहले से उपलब्ध जल संरचना का बेहतर उपयोग किया जाए तो सिंचाई की समस्या का समाधान हो सकता है। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों और किसानों की सहमति को प्राथमिकता दी जाए तथा किसी भी निर्णय से पहले ग्रामीणों से व्यापक चर्चा की जाए।

किसानों ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं और कृषि हितों को प्राथमिकता देते हुए प्रस्तावित नहर माइनर को निरस्त किया जाए। इस दौरान कान्ता राम, काशीराम, महेंद्र कुमार, धुरसिंग, दानीराम, लीलाधर, परमानंद, अमृतलाल, तखत राम, गुलाल, तेजराम, नरसिंह, योगेंद्र, धन सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।