नाली-सीसी रोड कार्य में फर्जी भुगतान का आरोप, प्रभारी लेखापाल नीरज सिंह बोले— काम हुआ है, फोटो भी मौजूद

नाली-सीसी रोड कार्य में फर्जी भुगतान का आरोप, प्रभारी लेखापाल नीरज सिंह बोले— काम हुआ है, फोटो भी मौजूद

वार्ड 06 में नाली-सीसी रोड निर्माण में अनियमितता का आरोप

खैरागढ़. नगरपालिका परिषद खैरागढ़ में अधोसंरचना मद से स्वीकृत निर्माण कार्यों में कथित फर्जी भुगतान का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। नगर पालिका अध्यक्ष गिरिजा चंद्राकर ने संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, दुर्ग को विस्तृत शिकायत सौंपते हुए तत्कालीन मुख्य नगरपालिका अधिकारी अविनाश देवांगन, उप अभियंता मुजफ्फर हुसैन और प्रभारी लेखापाल नीरज सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

शिकायत में स्पष्ट किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में वार्ड क्रमांक 06 के अंतर्गत दो प्रमुख कार्य स्वीकृत हुए थे। पहला कार्य नरेश पांडेय के घर से नाला तक नाली निर्माण (राशि 5.75 लाख) और दूसरा केवरी रजक के घर से राधे देवांगन के घर तक सीसी रोड निर्माण (राशि 2.27 लाख) का था। इन कार्यों का उद्देश्य वार्ड में जल निकासी और सड़क सुविधा को बेहतर बनाना था।

स्वीकृत राशि और भुगतान में गड़बड़ी के आरोप

आरोप है कि नाली निर्माण कार्य के लिए 5,24,453 रुपए का भुगतान चेक क्रमांक 645197 (दिनांक 03.03.2026) के माध्यम से फर्म को किया गया, जबकि स्थल पर कार्य नहीं मिला। वहीं सीसी रोड के लिए स्वीकृत 2.27 लाख रुपए के विरुद्ध 2,45,139 रुपए का भुगतान चेक क्रमांक 645193 (दिनांक 03.03.2026) से किया गया, जो स्वीकृत राशि से अधिक है। इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता बताया गया है।

काम शुरू होने से पहले ही भुगतान, नियमों पर सवाल

शिकायत में सबसे गंभीर बिंदु यह बताया गया है कि संबंधित निर्माण कार्य 12 मार्च 2026 को प्रारंभ हुआ, जबकि ठेकेदार को 3 मार्च 2026 को ही लगभग पूरी राशि का भुगतान कर दिया गया था। नियमों के अनुसार कार्य प्रगति के आधार पर भुगतान होना चाहिए, ऐसे में अग्रिम भुगतान को घोर लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार का मामला बताया गया है।

प्रभारी लेखापाल का जवाब— काम हुआ है, फोटो भी मौजूद

मामले में दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए प्रभारी लेखापाल नीरज सिंह ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि काम हुआ है, फोटो भी लगे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी कार्यों की जिम्मेदारी इंजीनियरिंग शाखा की होती है, लेकिन उनके अनुसार कार्य के प्रमाण उपलब्ध हैं।

कार्रवाई की प्रतीक्षा

नगर पालिका अध्यक्ष ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई और फर्जी भुगतान की राशि की वसूली की मांग की है। शिकायत के साथ स्वीकृति आदेश, चेक रजिस्टर और स्थल के फोटोग्राफ भी प्रस्तुत किए गए हैं। फिलहाल आरोप और जवाब के बीच मामला उलझा हुआ है।

24 घंटे में जांच टीम मौके पर, हुआ भौतिक सत्यापन

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। 23 अप्रैल को शिकायत दर्ज होने के बाद 24 अप्रैल को ही कार्यपालन अभियंता सीबी परगनिया और सहायक अभियंता देवेंद्र पांडे के नेतृत्व में जांच टीम वार्ड क्रमांक 06 पहुंची। इस दौरान सीएमओ पुनीत वर्मा, वार्ड पार्षद मोनिका रजक, पार्षद रूपेंद्र रजक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे और स्थल का निरीक्षण किया गया।

पार्षद का बयान— रोड बना, नाली नहीं

निरीक्षण के बाद वार्ड पार्षद मोनिका रजक ने बताया कि “सीसी रोड का निर्माण हो चुका है, लेकिन नाली का काम अब तक नहीं हुआ है।” उन्होंने यह भी कहा कि रोड निर्माण बाद में हुआ, जबकि भुगतान पहले किए जाने की बात सामने आई है। इससे शिकायत के आरोपों को आंशिक बल मिलता नजर आ रहा है।

प्रभारी लेखापाल का जवाब, जांच रिपोर्ट का इंतजार

वहीं प्रभारी लेखापाल नीरज सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि “काम हुआ है, फोटो भी लगे हैं।” फिलहाल आरोप और जवाब के बीच मामला उलझा हुआ है। नगर पालिका अध्यक्ष ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और राशि वसूली की मांग की है, जबकि जांच टीम रिपोर्ट तैयार कर रही है। अब आगे की कार्रवाई इस रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।