प्राण प्रतिष्ठा से पहले विवाद: सरकारी जमीन पर मंदिर निर्माण की शिकायत, मौके पर पहुंचे पटवारी

प्राण प्रतिष्ठा से पहले विवाद: सरकारी जमीन पर मंदिर निर्माण की शिकायत, मौके पर पहुंचे पटवारी

खैरागढ़. जिले के विचारपुर-पंडरिया भाठा में बन रहे किसान हनुमान संकट मोचन मंदिर को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है। प्राण प्रतिष्ठा से ठीक पहले तहसील कार्यालय में कुछ लोगों द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद क्षेत्रीय पटवारी खेमचंद चंदेल मौके पर पहुंचे और निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। पटवारी ने ग्रामीणों को बताया कि संबंधित भूमि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है और इस पर निर्माण को लेकर शिकायत प्राप्त हुई है। हालांकि, शिकायतकर्ता का नाम स्पष्ट नहीं हो सका है और न ही मौके पर किसी प्रकार का लिखित नोटिस जारी किया गया है।

किसानों में आक्रोश, बोले—“मंदिर निर्माण हर हाल में होगा”

पटवारी के पहुंचने के बाद किसान अधिकार संघर्ष समिति और ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिला। मौके पर मौजूद लोगों ने शिकायतकर्ता का नाम पूछते हुए विरोध जताया, लेकिन पटवारी ने अनभिज्ञता जताई। इसके बाद समिति ने स्पष्ट कहा कि 55 गांवों की आस्था से जुड़े इस मंदिर का निर्माण हर हाल में पूरा किया जाएगा। किसानों का कहना है कि यह केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि उनकी एकता और संघर्ष का प्रतीक है, जिसे रोकने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा।

सीमेंट फैक्ट्री विरोध से जोड़कर देख रहे ग्रामीण

ग्रामीणों और समिति के सदस्यों का आरोप है कि यह शिकायत उसी वर्ग द्वारा कराई गई है, जो क्षेत्र में प्रस्तावित सीमेंट फैक्ट्री के पक्ष में है। उनका कहना है कि मंदिर निर्माण से किसानों में एकजुटता बढ़ रही है और यही कारण है कि इसे रोकने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन क्षेत्र में इसको लेकर चर्चाएं तेज हैं।

प्रशासन ने नहीं जारी किया लिखित आदेश, जांच की स्थिति अस्पष्ट

पटवारी के अनुसार उन्हें शिकायत की जानकारी मौखिक रूप से तहसीलदार और एसडीएम कार्यालय से मिली है, लेकिन अब तक कोई लिखित आदेश या दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया है। मौके पर पंचनामा भी तैयार नहीं किया गया। ऐसे में पूरे मामले की स्थिति फिलहाल अस्पष्ट बनी हुई है। इधर, 2 अप्रैल को प्रस्तावित प्राण प्रतिष्ठा को लेकर तैयारियां जारी हैं और क्षेत्र में आस्था व तनाव दोनों का माहौल बना हुआ है।