गांव के दो पक्ष आमने-सामने, एक पक्ष ने महिला से मारपीट व अस्मिता से छेड़छाड़ का लगाया आरोप, दूसरे पक्ष ने बताया झूठा और साजिश
खैरागढ़. खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के थाना गातापार क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सांकरा में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुआ झगड़ा अब पुलिस और प्रशासन तक पहुंच गया है। एक ही घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके बाद पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण एसपी कार्यालय पहुंचे और एक पक्ष पर झूठा मामला दर्ज कराने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
पहली एफआईआर: धरमपाल ने लगाया चाकू से हमला और मारपीट का आरोप
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पहली एफआईआर 4 मार्च 2026 को थाना गातापार में दर्ज की गई। शिकायतकर्ता धरमपाल वर्मा (50 वर्ष), निवासी ग्राम सांकरा ने आरोप लगाया कि वह शाम करीब 7 बजे मनोज वर्मा की किराना दुकान में बैठा था। इसी दौरान गांव के ही बिनेश्वर वर्मा ने जमीन विवाद को लेकर गाली-गलौज करते हुए उस पर हमला कर दिया।
शिकायत में बताया गया कि बिनेश्वर वर्मा ने हाथ में चाकू लेकर हमला किया, जिससे उसके सिर और हाथ में चोट आई। बीच-बचाव करने पहुंचे ग्रामीणों के साथ भी मारपीट और जातिसूचक गाली देने का आरोप लगाया गया। इस शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 115(2), 351(3) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया।
दूसरी एफआईआर: महिला ने लगाया घर में घुसकर हमला और छेड़छाड़ का आरोप
इसी घटना से जुड़ी दूसरी एफआईआर 6 मार्च 2026 को दर्ज हुई, जिसमें सिलोचना वर्मा ने आरोप लगाया कि 4 मार्च की शाम मनोज वर्मा, पंकज वर्मा और राजू वर्मा नशे की हालत में उसके घर में घुस आए। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए उसके साथ मारपीट की और चाकू से हमला किया।
महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एक आरोपी ने उन पर पैर से वार किया और उसकी बेटी के कपड़े भी फाड़ दिए। घटना के बाद उसे और उसकी बेटी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस मामले में पुलिस ने BNS की धारा 296, 115(2), 351(3), 333 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है।
छेड़छाड़, वास्तविकता से अलग- ग्रामीण
शनिवार को एसपी कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों का कहना है कि जिस घटना को लेकर सिलोचना वर्मा ने घर में घुसकर मारपीट और छेड़छाड़ का आरोप लगाया है, वह वास्तविकता से अलग है। ग्रामीणों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है और यह मामला वर्ष 2022 से न्यायालय में लंबित है।
ग्रामीणों ने बताया कि घटना के दौरान मौके पर मौजूद मनोज वर्मा, पंकज वर्मा और राजू वर्मा ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग कराया। ग्रामीणों के मुताबिक झगड़ा छुड़ाने के दौरान बिनेश्वर वर्मा ने तीनों लोगों से गाली-गलौज की और कहा कि तुम लोग धरमपाल का साथ दे रहे हो, तुम्हें देख लूंगा। इसके बाद वह वहां से चला गया।
साजिश के तहत झूठा आरोप लगाया जा रहा
ग्रामीणों का आरोप है कि बाद में साजिश के तहत बिनेश्वर वर्मा ने अपनी पत्नी सिलोचना वर्मा के माध्यम से मनोज, पंकज और राजू पर झूठा आरोप लगाकर मामला दर्ज करा दिया। उनका कहना है कि पांडादाह अस्पताल में किए गए प्रारंभिक मेडिकल परीक्षण में किसी गंभीर मारपीट या हमले की पुष्टि नहीं हुई थी।
बेन्द्रीडीह निवासी दिलीप श्रीवास्तव गांव को लड़ाने का काम कर रहा है
ग्रामीणों ने ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया कि बेन्द्रीडीह निवासी दिलीप श्रीवास्तव ने गांव में विवाद भड़काने की नीयत से सिलोचना के परिवार को उकसाया और मामले को मीडिया में प्रचारित कराया। जबकि पहले ही पांडादाह अस्पताल में चिकित्सा परीक्षण हो चुका था, उसके बावजूद खैरागढ़ सिविल अस्पताल में दोबारा मुलाहिजा कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित व्यक्ति लगातार गांव का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है, इसलिए उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
2022 से चल रहा जमीन विवाद
ग्रामीणों ने बताया कि धरमपाल वर्मा और बिनेश्वर वर्मा के बीच जमीन का विवाद वर्ष 2022 से चल रहा है। नक्शा सुधार और स्वामित्व को लेकर मामला तहसील कार्यालय और न्यायालय में लंबित है। ग्रामीणों के अनुसार विवादित जमीन वास्तविक रूप से धरमपाल की है, जिस पर बिनेश्वर वर्मा द्वारा जबरन कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि धरमपाल वर्मा स्वभाव से शांत व्यक्ति हैं और पढ़े-लिखे नहीं हैं। परिवार में भी उनका कोई सहारा नहीं है, जिसका फायदा उठाकर उन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि गांव के लोग धरमपाल के समर्थन में खड़े हैं।
बिनेश्वर गांव का माहौल कर रहा खराब
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बिनेश्वर वर्मा अपने निजी विवाद में अपनी पत्नी को भी सामने कर लोगों को झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश कर रहा है, जिससे गांव का माहौल खराब हो रहा है। इस दौरान पंच, सरपंच पति द्वारका वर्मा सहित कई ग्रामीण एसपी कार्यालय पहुंचे। इनमें धनेश वर्मा, बंशीलाल वर्मा, कमलेश वर्मा, कामता प्रसाद वर्मा, कमलेश भदौरिया, पंकज वर्मा, राजू वर्मा और दिलीप वर्मा समेत अन्य लोग शामिल थे।



