दो महीने से टूटा था बिजली का तार, शिकायतें अनसुनी रहीं; मौत हुई तो दौड़ा विभाग
पिपलाकछार में खेत पर करंट से 50 वर्षीय धनसाय पटेल की मौत; महिला को बचाने दौड़े थे, पत्नी और पढ़ रही बेटी का इकलौता सहारा छिना
ग्रामीणों का आरोप—लिखित और मौखिक शिकायतों के बाद भी नहीं सुधारा तार; हादसे के बाद मरम्मत करने पहुंची टीम तो फूटा गुस्सा
खेत में चल रही थी रोपाई, कथित लापरवाही ने बुझा दिया घर का चिराग
खैरागढ़. पिपलाकछार में बिजली विभाग की कथित लापरवाही ने एक परिवार से उसका इकलौता कमाने वाला सदस्य छीन लिया। बुधवार दोपहर करीब 1 बजे खेत में धान की रोपाई के दौरान करंट की चपेट में आने से 50 वर्षीय धनसाय पटेल पिता स्व. तुलाराम पटेल की मौत हो गई, जबकि सीमन साहू और चंपा साहू घायल हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि खेत के पास बिजली का तार करीब दो महीने से टूटा पड़ा था और इसकी कई बार लिखित व मौखिक शिकायत करने के बावजूद सुधार नहीं किया गया। जिस तार को ठीक कराने के लिए ग्रामीण दो महीने से गुहार लगा रहे थे, उसी से हादसा होने और एक व्यक्ति की जान जाने के बाद विभाग की टीम तत्काल मरम्मत करने पहुंच गई। इससे ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि शिकायत के समय तार सुधार दिया जाता तो क्या धनसाय की जान बच सकती थी?
महिला को बचाने दौड़े दो लोग, तीसरे नंबर पर आए धनसाय की चली गई जान
जानकारी के अनुसार धनसाय पटेल मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। घटना के दिन वे डेमन दास साहू के खेत में धान की रोपाई करने गए थे, जहां करीब 30 मजदूर काम कर रहे थे। कुछ मजदूर रोपाई कर रहे थे, जबकि धनसाय, सीमन साहू और चंपा साहू सहित अन्य लोग थरहा उखाड़ रहे थे। इसी दौरान खेत से बाहर जा रही चंपा साहू करंट की चपेट में आ गई। बताया जा रहा है कि करीब दो महीने से टूटा बिजली का तार खेत के पास लगे झटका तार के संपर्क में था। किसान ने झटका मशीन बंद कर रखी थी, लेकिन टूटे बिजली तार के कारण झटका तार में करंट फैल गया। चंपा को बचाने खेत मालिक का 24 वर्षीय बेटा सीमन दौड़ा तो वह भी करंट की चपेट में आ गया। दोनों को बचाने धनसाय आगे बढ़े, लेकिन करंट ने उन्हें भी जकड़ लिया। इसके बाद खेत मालिक के छोटे बेटे चुनेश ने लकड़ी की मदद से तीनों को करंट से अलग किया।
मौके पर ही हो गई थी धनसाय की मौत, दो घायलों का इलाज जारी
हादसे के बाद धनसाय पटेल, सीमन साहू और चंपा साहू को तत्काल सिविल अस्पताल खैरागढ़ लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद धनसाय को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया। वहीं सीमन साहू का अस्पताल में उपचार जारी है। उसकी स्थिति को देखते हुए राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रेफर किए जाने की बात कही जा रही थी, हालांकि खबर लिखे जाने तक उसे रेफर नहीं किया गया था। चंपा साहू भी सिविल अस्पताल में भर्ती है। एक ही हादसे में एक व्यक्ति की मौत और दो लोगों के घायल होने से पूरे गांव में शोक के साथ आक्रोश का माहौल है।
‘अब मौत हो गई तो जागे’, मरम्मत करने पहुंची टीम को ग्रामीणों ने घेरा
धनसाय की मौत की खबर फैलते ही बिजली विभाग की टीम टूटे तार को जोड़ने मौके पर पहुंची, लेकिन वहां मौजूद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने टीम से सवाल किया कि जब दो महीने से तार टूटा था और शिकायतें की जा रही थीं, तब विभाग क्यों नहीं जागा? मौत के बाद इतनी जल्दी मरम्मत कैसे शुरू हो गई? आक्रोशित ग्रामीणों ने मौके पर जिम्मेदार अधिकारी को बुलाने की मांग की, लेकिन अधिकारी के नहीं पहुंचने से नाराजगी और बढ़ गई। इसके बाद ग्रामीण जेई कार्यालय पहुंच गए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए जमकर विरोध जताया। स्थिति को देखते हुए पुलिस भी पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।

जिस तार ने जान ली, उसे मौत के बाद जोड़ दिया; अब जिम्मेदारी किसकी?
हादसे के बाद बिजली विभाग ने टूटे तार को जोड़कर बिजली व्यवस्था बहाल कर दी, लेकिन यही तत्परता अब विभाग को सवालों के घेरे में खड़ा कर रही है। ग्रामीण पूछ रहे हैं कि जो काम एक मौत के बाद तत्काल हो गया, वह शिकायतों के बावजूद दो महीने तक क्यों नहीं हुआ? ग्रामीणों ने क्षेत्र में तैनात बिजली मिस्त्री और जिम्मेदार कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शिकायत मिलने के बाद मौके की जांच क्यों नहीं हुई और तार सुधारने की जिम्मेदारी आखिर किसकी थी? ग्रामीण अब पूरे मामले की जांच, जिम्मेदारी तय करने और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
घर का इकलौता कमाने वाला चला गया, पत्नी और पढ़ रही बेटी के सामने संकट
धनसाय की मौत एक परिवार के लिए सिर्फ सदस्य को खोना नहीं, बल्कि रोजी-रोटी का सहारा छिन जाना है। परिजनों के अनुसार वे घर में अकेले कमाने वाले सदस्य थे। उनकी दो बेटियां हैं, जिनमें एक की शादी हो चुकी है, जबकि दूसरी कॉलेज में पढ़ाई कर रही है। पत्नी और बेटी का पूरा सहारा धनसाय की मजदूरी से होने वाली आय पर था। उनकी अचानक मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और घर में मातम पसरा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में विभागीय लापरवाही साबित होती है तो केवल तार जोड़ देना पर्याप्त नहीं होगा; जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने के साथ पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा भी दिया जाना चाहिए।



