पीएम आवास में फर्जीवाड़े का सिलसिला जारी! मरकामटोला में अधूरे मकान को पूर्ण बताकर निकाली पूरी राशि, जांच के घेरे में जिम्मेदार

पीएम आवास में फर्जीवाड़े का सिलसिला जारी! मरकामटोला में अधूरे मकान को पूर्ण बताकर निकाली पूरी राशि, जांच के घेरे में जिम्मेदार
फोटो कैप्शन - रिकॉर्ड में पूर्ण, हकीकत में अधूरा — इसी फोटो के आधार पर जारी हुई अंतिम किश्त।

रिपोर्टर उमेश्वर वर्मा 

खैरागढ़. प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितताओं के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। रोड अतरिया, चंगुर्दा और सिवनीकला के बाद अब ग्राम पंचायत मरकामटोला में भी अधूरे आवास को पूर्ण बताकर पूरी राशि निकालने का मामला सामने आया है। दस्तावेजों के अनुसार वर्ष 2017-18 में हितग्राही सरोज बाई के नाम स्वीकृत आवास आज भी अधूरा है, जबकि रिकॉर्ड में उसे पूर्ण दर्शाकर अंतिम किश्त तक जारी कर दी गई। सबसे गंभीर बात यह है कि आवास की वास्तविक स्थिति छिपाने के लिए कथित रूप से दूसरे मकान की तस्वीर अपलोड कर फाइनल जियो टैग कर दिया गया। इससे एक बार फिर प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

जियो टैग में खेल, कागजों में पूरा घर, जमीन पर अधूरा निर्माण

रिकॉर्ड के मुताबिक सरोज बाई के आवास का पहला जियो टैग 20 जून 2017 को, दूसरा छज्जा स्तर का जियो टैग 10 अक्टूबर 2017 को तथा अंतिम पूर्णता जियो टैग 24 अप्रैल 2018 को किया गया। इसके आधार पर हितग्राही को कुल 1 लाख 30 हजार रुपए की स्वीकृत राशि में 48-48 हजार रुपए की दो किश्तें तथा अंतिम 34 हजार रुपए का भुगतान कर दिया गया। लेकिन वर्तमान में आवास अधूरा है और निर्माण कार्य वर्षों से रुका हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना भौतिक सत्यापन के जियो टैगिंग कर राशि जारी कर दी गई। यदि आवास वास्तव में अधूरा था तो पूर्णता प्रमाणन किस आधार पर किया गया, यह बड़ा सवाल बन गया है।

पहले भी सामने आ चुके हैं कई मामले, कार्रवाई के बाद भी नहीं थम रहीं गड़बड़ियां

जिले में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले रोड अतरिया में अधूरे मकान को पूर्ण बताकर भुगतान किए जाने के मामले में आवास मित्र को कार्य से पृथक किया जा चुका है। वहीं सिवनीकला में बिना मकान बने तीनों किश्तें जारी होने, फर्जी जियो टैग और मनरेगा की कथित फर्जी हाजिरी का मामला भी सुर्खियों में रहा है। अतरिया में ही तिहारू यादव के आवास की राशि दूसरे व्यक्ति के खाते में पहुंचने का मामला भी सामने आ चुका है। लगातार उजागर हो रहे मामलों से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर आवास योजना में जियो टैगिंग, सत्यापन और भुगतान प्रक्रिया की निगरानी कौन कर रहा है और बार-बार एक जैसी गड़बड़ियां क्यों सामने आ रही हैं।

जांच के बाद होगी कार्रवाई : जिला प्रभारी

मामले में पूर्व सरपंच संतोष देवांगन ने कहा कि आवास पूर्ण नहीं हुआ है यह बात सही है लेकिन मेरे कार्यकाल का नहीं है। वर्तमान सरपंच इंदियाबाई नेती और रोजगार सहायक ने भी आवास अधूरा होने की पुष्टि की है। इस संबंध में प्रधानमंत्री आवास योजना के जिला प्रभारी अधिकारी राजेश साहू ने कहा कि “आपके माध्यम से मामले की जानकारी मिली है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और यदि अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी