जनपद पंचायत छुईखदान का लंबित बजट आखिरकार पारित, विवादों के बीच सदन ने दी मंजूरी

जनपद पंचायत छुईखदान का लंबित बजट आखिरकार पारित, विवादों के बीच सदन ने दी मंजूरी

खैरागढ़. लंबे समय से विवादों में घिरे जनपद पंचायत छुईखदान के बजट को आखिरकार मंजूरी मिल गई। शुक्रवार 27 फरवरी 2026 को सामान्य प्रशासन समिति की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के अनुमानित बजट को सर्वसम्मति से अनुमोदित कर दिया गया। यह मंजूरी ऐसे समय में मिली है जब पिछले कई महीनों से बजट को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच तीखा टकराव चल रहा था।

जनपद पंचायत अध्यक्ष पुष्पा प्रकाश वर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कोरम पूर्ण होने के बाद एजेंडा के अनुसार कार्यवाही शुरू हुई। मुख्य कार्यपालन अधिकारी केश्वरी देवांगन ने छत्तीसगढ़ पंचायती राज अधिनियम 1993 और जनपद पंचायत बजट अनुमान नियम 1997 के प्रावधानों का हवाला देते हुए दोनों वित्तीय वर्षों का अनुमानित बजट समिति के समक्ष प्रस्तुत किया।

सूत्रों के अनुसार बैठक में बजट के आय-व्यय पक्षों पर विस्तृत चर्चा हुई और ऑडिट रिपोर्ट का भी अवलोकन किया गया। उपस्थित सभी पांच सदस्यों ने इसे सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी।

4 सदस्यों का बहिष्कार

हालांकि इस बैठक में सत्ता पक्ष सदस्यों के बीच साफ तौर पर दो फाड़ नजर आई। सामान्य प्रशासन समिति के कुल 9 सदस्यों में से केवल पांच सदस्य ही बैठक में शामिल हुए, जबकि चार सदस्यों ने बिना सूचना दिए अनुपस्थित रहकर अपनी नाराजगी जताई।

बैठक में उपाध्याय राजू जंघेल, सभापति मन्नू मरकाम, होमेश्वरी वैष्णव और सुमरित जंघेल उपस्थित रहे। वहीं नियमों का हवाला देकर बजट का विरोध कर रहे सभापति सुधीर गोलछा समेत ज्योति जंघेल, डोमार सिंह और राजीम मुकेश ने बैठक से दूरी बनाए रखी।

विवादों का इतिहास

गौरतलब है कि जनपद पंचायत छुईखदान का बजट पिछले काफी समय से विवादों में था। सुधीर गोलछा सहित कई सदस्यों ने आरोप लगाया था कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 का बजट बिना सदन की स्वीकृति के ही उच्च कार्यालय भेज दिया गया और करोड़ों रुपये का खर्च बिना अनुमोदन के ही कर दिया गया।

सदस्यों का कहना था कि उनके कार्यकाल से पहले के खर्च का अनुमोदन उनसे कराना नियमसम्मत नहीं है और यह भ्रष्टाचार पर मुहर लगाने जैसा है। पिछले दिनों जिला पंचायत की लेखाधिकारी कल्पना हेडाउ की अगुवाई में हुई जांच में भी बिना अनुमोदन के बजट भेजे जाने को प्रक्रियात्मक त्रुटि करार दिया गया था।

बजट पारित होने के साथ ही जनपद पंचायत ने वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए खर्च का रास्ता साफ कर लिया है। हालांकि विपक्षी सदस्यों के बहिष्कार और पिछले विवादों के मद्देनजर यह गौर करने वाली बात होगी कि आने वाले दिनों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल कैसे बैठता है।

सूत्रों की मानें तो अब यह बजट अंतिम मंजूरी के लिए उपसंचालक (पंचायत) कार्यालय भेजा जाएगा। इससे पहले उपसंचालक कार्यालय ने बिना अनुमोदन के भेजे गए बजट को पूर्व में वापस कर दिया था।