जनपद पंचायत खैरागढ़ में सरपंचों का फूटा गुस्सा, ‘कमीशन के बिना नहीं पास होते बिल’—सीईओ पर गंभीर आरोप
रिपोर्टर उमेश्वर वर्मा
सीईओ ने आरोप को बताया निराधार
खैरागढ़. जनपद पंचायत खैरागढ़ के सभा कक्ष में शनिवार को आयोजित सरपंच संघ की विशेष बैठक उस समय बेहद गरम हो गई जब पंचायत कार्यों के भुगतान में कथित कमीशनखोरी का मुद्दा जोर-शोर से उठा। बैठक में मौजूद अनेक सरपंचों ने खुलकर आरोप लगाया कि बिना कमीशन दिए न तो चेक जारी होते हैं और न ही विकास कार्यों के बिल पास किए जाते हैं। इस मुद्दे पर चर्चा होते ही सभा में उपस्थित अधिकांश सरपंचों ने एक स्वर में अपनी सहमति जताई और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए।
कमीशन दो, तभी मिलेगा भुगतान—सरपंचों का आरोप

बैठक में कई सरपंचों ने आरोप लगाया कि पंचायत स्तर पर किए गए निर्माण और अन्य कार्यों का भुगतान महीनों तक लंबित रखा जाता है। जब तक संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को कथित रूप से पैसा नहीं दिया जाता, तब तक फाइल आगे नहीं बढ़ती। सरपंचों का कहना था कि इससे न केवल विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि पंचायत प्रतिनिधियों की छवि भी ग्रामीणों के बीच खराब हो रही है।
कुछ सरपंचों ने तो यहां तक कहा कि चेक काटने के नाम पर भी अवैध राशि मांगी जाती है। इस पर अन्य सरपंचों ने भी समर्थन जताते हुए कहा कि यह समस्या किसी एक पंचायत की नहीं बल्कि व्यापक स्तर पर सामने आ रही है। हालांकि सरपंच संघ के सदस्यों ने शर्त रखी कि खबर में किसी एक व्यक्ति का नाम प्रकाशित न किया जाए। संघ के कई पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से यह जानकारी दी, पर व्यक्तिगत पहचान उजागर न करने का आग्रह किया।
सीईओ के व्यवहार पर भी उठे सवाल

बैठक में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के व्यवहार को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की गई। कई सरपंचों ने आरोप लगाया कि शिकायत करने पर भी सुनवाई नहीं होती और कार्यालय का रवैया सहयोगात्मक नहीं है। सरपंच संघ ने इस स्थिति पर कड़ी आपत्ति जताते हुए प्रशासन से तत्काल सुधार की मांग करने की बात कही।
बाबुओं पर भी लगे आरोप, पर मुद्दा दबा
बैठक में कुछ कर्मचारियों (बाबुओं) द्वारा भी कमीशन लेने की चर्चा सामने आई, हालांकि इस विषय पर ज्यादा विस्तार से बात नहीं हो सकी और मामला वहीं दब गया। लेकिन सीईओ से जुड़े आरोपों पर सरपंचों ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की और इसे गंभीर समस्या बताया।
15वें वित्त की राशि जारी करने की मांग तेज

बैठक में सरपंचों ने कहा कि 15वें वित्त आयोग की राशि समय पर जारी नहीं होने से पंचायत स्तर पर विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कई पंचायतों में निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं और भुगतान न होने से ठेकेदार भी काम करने से कतरा रहे हैं। सरपंचों ने एक स्वर में कहा कि यदि शीघ्र राशि जारी नहीं हुई तो ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्य ठप पड़ जाएंगे। इस संबंध में सामूहिक रूप से ज्ञापन सौंपने की तैयारी की गई।
राशन कार्ड से नाम नहीं कटने की समस्या
राशन कार्ड से संबंधित मामलों पर भी गंभीर चिंता जताई गई। सरपंचों ने बताया कि पंचायत स्तर से आवेदन भेजे जाने के बावजूद कई पात्र लोगों के नाम सूची से नहीं कट रहे या संशोधन नहीं हो पा रहा है। इससे वास्तविक लाभार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और पंचायत प्रतिनिधियों को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है।
बैंक खाते बदलने पर भी बनी सहमति
बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि ग्रामीण बैंक शाखाओं में पंचायत खातों के संचालन में कई तकनीकी व प्रशासनिक समस्याएं आ रही हैं। सरपंचों ने प्रस्ताव रखा कि ऐसे बैंकों में खाते खोले जाएं जहां सरपंचों को सुगमता से लेन-देन की सुविधा मिल सके। इस विषय को भी ज्ञापन में शामिल करने पर सहमति बनी।
उच्च स्तर तक शिकायत ले जाने का निर्णय

सरपंच संघ ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो जिला प्रशासन से लेकर राज्य सरकार और संबंधित मंत्री तक लिखित शिकायत पहुंचाई जाएगी। कुछ सरपंचों ने आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी।
आरोप निराधार है - सीईओ
जनपद पंचायत खैरागढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) हिमांशु गुप्ता ने सरपंच संघ की बैठक में उठे आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पंचायतों से जुड़े कई मुद्दों पर जनपद स्तर का नियंत्रण नहीं होता। उन्होंने स्पष्ट किया कि राशन कार्ड से नाम काटने की प्रक्रिया जिला स्तर पर होती है, जनपद कार्यालय केवल प्रस्ताव आगे भेजता है। 15वें वित्त की राशि सीधे ग्राम पंचायतों के खातों में आती है, जनपद का उस पर प्रत्यक्ष नियंत्रण नहीं रहता। बैंक खाता बदलने के संबंध में उन्होंने कहा कि यह पंचायत का स्वयं का खाता है, इसलिए सरपंच चाहें तो अन्य बैंक में स्थानांतरित कर सकते हैं और इस पर कोई आपत्ति नहीं है। अपने व्यवहार पर लगे आरोपों को उन्होंने निराधार बताते हुए कहा कि पिछले चार महीनों में किसी भी सरपंच से ऐसा कोई विवाद नहीं हुआ है और सभी से सामान्य संवाद रहता है। वहीं कमीशन लेकर बिल पास करने या चेक जारी करने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि जनपद में ऐसा कोई प्रकरण नहीं है, अधिकांश भुगतान सीधे खातों में होता है और चेक भी समय पर जारी किए जाते हैं।



