विधायक का नाम न होने पर हंगामा, 2022 के दीक्षांत समारोह में भी नहीं था नाम, अब क्यों विरोध?
दीक्षांत समारोह विवाद में नया मोड़
खैरागढ. इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ में 28 जनवरी को प्रस्तावित दीक्षांत समारोह को लेकर उपजा राजनीतिक विवाद अब नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। विधायक का नाम आमंत्रण पत्र में नहीं होने को लेकर कांग्रेस द्वारा किए जा रहे विरोध के बीच सोशल मीडिया पर वर्ष 2022 के दीक्षांत समारोह का पोस्टर वायरल होने से राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है।
कांग्रेस द्वारा लगातार यह आरोप लगाया जा रहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने निर्वाचित जनप्रतिनिधि विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा की उपेक्षा की है। इसी कड़ी में 27 जनवरी को शहर कांग्रेस अध्यक्ष अरुण भारद्वाज के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर विधायक का नाम अतिथि के रूप में आमंत्रण पत्र में शामिल करने की मांग की थी।
वायरल पोस्टर ने बदला माहौल
इसी बीच सोशल मीडिया पर वर्ष 2022 का दीक्षांत समारोह आमंत्रण पत्र वायरल हो गया है। बताया जा रहा है कि 27 अप्रैल 2022 को आयोजित दीक्षांत समारोह के आमंत्रण पत्र में भी विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा का नाम अतिथि सूची में शामिल नहीं था। उस समय राज्य में कांग्रेस की ही सरकार थी, बावजूद इसके किसी प्रकार का विरोध या बहिष्कार देखने को नहीं मिला।
इस पोस्टर के सामने आने के बाद अब कांग्रेस के मौजूदा विरोध पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि उस समय चुप्पी और अब विरोध, दोनों ही स्थितियों ने कांग्रेस की रणनीति को संदेह के घेरे में ला खड़ा किया है।
राजनीतिक चर्चाएं तेज
वायरल पोस्टर के बाद भाजपा समर्थकों और आम नागरिकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या यह मुद्दा वास्तव में जनप्रतिनिधि के सम्मान से जुड़ा है या फिर सरकार बदलने के बाद राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास है। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि वर्तमान संदर्भ में निर्वाचित विधायक को नजरअंदाज करना गलत परंपरा है और इसका विरोध जरूरी है।
28 जनवरी पर टिकी निगाहें
फिलहाल पूरा मामला 28 जनवरी को होने वाले दीक्षांत समारोह पर आकर टिक गया है। कांग्रेस पहले ही विरोध और बहिष्कार की चेतावनी दे चुकी है, वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस विषय में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



