2014 से 2022 तक विधायक कभी विशिष्ट अतिथि नहीं बने, फिर अब विवाद क्यों? देखे पुराने आमंत्रण पत्र

2014 से 2022 तक विधायक कभी विशिष्ट अतिथि नहीं बने, फिर अब विवाद क्यों? देखे पुराने आमंत्रण पत्र

पुराने रिकॉर्ड खंगाले गए, ऐन मौके पर उठे सवालों से गरमाई सियासत

खैरागढ़. इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ में 28 जनवरी को प्रस्तावित दीक्षांत समारोह को लेकर उठे राजनीतिक सवालों के बीच अब विश्वविद्यालय के पूर्व दीक्षांत समारोहों के आमंत्रण पत्र और अभिलेख सामने आ गए हैं। इन रिकॉर्ड्स से स्पष्ट होता है कि वर्ष 2014 से लेकर 2022 तक आयोजित किसी भी दीक्षांत समारोह में क्षेत्रीय विधायक का नाम अतिथि सूची में शामिल नहीं रहा, बावजूद इसके उस समय किसी भी राजनीतिक दल या जनप्रतिनिधि द्वारा कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई थी।

27 अप्रैल 2022: षोडश दीक्षांत समारोह

विश्वविद्यालय का षोडश दीक्षांत समारोह 27 अप्रैल 2022, बुधवार को दोपहर 3:30 बजे विश्वविद्यालय प्रेक्षागृह, परिसर क्रमांक–02 में आयोजित किया गया था।

अध्यक्षता: अनुसुईया उईके, राज्यपाल एवं कुलाधिपति, छत्तीसगढ़

मुख्य अतिथि एवं दीक्षांत भाषण: प्रो. विद्याधर व्यास, सुप्रसिद्ध संगीतज्ञ

अतिविशिष्ट अतिथि: उमेश पटेल, उच्च शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़

विशिष्ट अतिथि: संतोष पाण्डेय, सांसद, राजनांदगांव

इस कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र में भी खैरागढ़ क्षेत्र के विधायक का नाम शामिल नहीं था, जबकि उस समय राज्य में कांग्रेस सरकार थी।

17 दिसंबर 2019: पन्द्रहवां दीक्षांत समारोह

17 दिसंबर 2019 को आयोजित पन्द्रहवें दीक्षांत समारोह में—

अध्यक्षता: अनुसुईया उईके, राज्यपाल एवं कुलाधिपति

मुख्य अतिथि: ऋषि कुमार वशिष्ठ, निदेशक, सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केन्द्र, नई दिल्ली

अतिविशिष्ट अतिथि: भूपेश बघेल, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

विशिष्ट अतिथि: उमेश पटेल, उच्च शिक्षा मंत्री एवं संतोष पांडेय, सांसद

इस आमंत्रण पत्र में भी विधायक का कोई उल्लेख नहीं था।

2015 और 2014 के दीक्षांत समारोह

17 जनवरी 2014 (द्वादश दीक्षांत समारोह) में—

अध्यक्षता: शेखर दत्त, राज्यपाल एवं कुलाधिपति

मुख्य अतिथि: पद्म विभूषण डॉ. कपिला वात्स्यायन

विशिष्ट अतिथि: प्रेमप्रकाश पाण्डेय (उच्च शिक्षा मंत्री) एवं मधुसूदन यादव (सांसद)

15 मार्च 2015 (त्रयोदश दीक्षांत समारोह) में—

अध्यक्षता: बलरामजी दास टंडन, राज्यपाल एवं कुलाधिपति

मुख्य अतिथि: पद्मश्री डॉ. किरण सेठ

अतिविशिष्ट अतिथि: डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री

विशिष्ट अतिथि: प्रेमप्रकाश पाण्डेय (शिक्षा मंत्री) और अभिषेक सिंह (सांसद)

इन दोनों कार्यक्रमों के आमंत्रण पत्रों में भी स्थानीय विधायक का नाम दर्ज नहीं था।

खैरागढ़ विधानसभा का राजनीतिक परिदृश्य

खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र में—

2003 से 2013 तक भाजपा से कोमल जंघेल विधायक रहे।

2013 से 2018 तक कांग्रेस से गिरवर जंघेल विधायक रहे।

2018 से 2021 तक जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ से स्वर्गीय देवव्रत सिंह विधायक रहे।

2022 से वर्तमान तक कांग्रेस से यशोदा नीलांबर वर्मा विधायक हैं।

इन सभी कार्यकालों के दौरान विश्वविद्यालय के कई दीक्षांत समारोह आयोजित हुए, परंतु किसी भी समारोह में विधायक को औपचारिक अतिथि के रूप में आमंत्रित किए जाने का उल्लेख नहीं मिलता।

अब क्यों उठा सवाल?

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि दीक्षांत समारोह से ठीक पहले इस मुद्दे को उठाया जाना संदेह पैदा करता है। पूर्व में समान परिस्थितियों में किसी प्रकार का विरोध नहीं हुआ, जबकि अब इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है।

विश्वविद्यालय के पुराने रिकॉर्ड यह दर्शाते हैं कि दीक्षांत समारोहों की परंपरा में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विद्वानों को ही आमंत्रित किया जाता रहा है। ऐसे में अचानक विधायक के नाम को लेकर उठे सवालों ने पूरे मामले को सियासी रंग दे दिया है।