खैरागढ़ में 6.39 करोड़ की सड़क दो साल में ध्वस्त: गड्ढों में गायब विकास, पीडब्ल्यूडी पर मिलीभगत के आरोप

खैरागढ़ में 6.39 करोड़ की सड़क दो साल में ध्वस्त: गड्ढों में गायब विकास, पीडब्ल्यूडी पर मिलीभगत के आरोप

पीजी अवधि 2029 तक, लेकिन दो साल में ही सड़क जर्जर; ठेकेदार पर मेहरबानी या मिलीभगत?

जान जोखिम में डालकर सफर, रोज हो रहे हादसे

खैरागढ़. जिला मुख्यालय को साल्हेवारा वनांचल, गंडई और छुईखदान से जोड़ने वाला प्रमुख स्टेट हाईवे आज बदहाल स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे हर दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोग मजबूरी में इसी रास्ते से आवागमन कर रहे हैं और अपनी जान जोखिम में डालने को विवश हैं।

639 लाख की स्वीकृति, 439 लाख खर्च—फिर भी बदहाली

इस सड़क के उन्नयन और डामरीकरण के लिए 22 दिसंबर 2020 को 639.10 लाख रुपए की स्वीकृति मिली थी। अब तक 439.75 लाख रुपए का भुगतान भी किया जा चुका है, लेकिन सड़क की हालत देखकर साफ है कि या तो निर्माण में भारी लापरवाही हुई है या गुणवत्ता से सीधा समझौता किया गया है।

दो साल में ही उखड़ गई 16 किमी सड़क

7 अगस्त 2021 को राजनांदगांव के ठेकेदार संजय सिंधी को कार्यादेश जारी हुआ और 15 अक्टूबर 2021 से काम शुरू किया गया। विभागीय रिकॉर्ड में 3 फरवरी 2024 को कार्य पूर्ण बताया गया है। लेकिन महज दो साल के भीतर करीब 16 किमी लंबी यह सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और गड्ढों में तब्दील हो गई है।

पीजी 2029 तक, फिर भी मरम्मत नहीं—क्यों चुप है विभाग?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सड़क की परफॉर्मेंस गारंटी (पीजी) अवधि 2 फरवरी 2029 तक है, तो ठेकेदार से मरम्मत क्यों नहीं कराई जा रही? स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत के बाद सिर्फ दिखावे के लिए घटिया मरम्मत की जाती है, जो दो दिन भी नहीं टिकती। हैरानी की बात यह है कि अधिकारी रोज इसी मार्ग से गुजरते हैं, फिर भी कार्रवाई नहीं हो रही।

मिलीभगत का आरोप, भुगतान की जांच की मांग

जागरूक नागरिकों का कहना है कि ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत से केवल समय काटा जा रहा है ताकि पीजी अवधि निकल जाए और जिम्मेदारी से बचा जा सके। 439.75 लाख रुपए के भुगतान को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि इतने खराब काम के बावजूद भुगतान कैसे किया गया, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

कार्रवाई सिर्फ कागजों में, ठेकेदार पर पहले भी आरोप

विभाग की ओर से केवल ठेकेदार की श्रेणी पदावनत करने की बात कही जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही। इसी ठेकेदार पर देवरी क्षेत्र में भी निर्माण में देरी और गुणवत्ता को लेकर आरोप लग चुके हैं।

किसी बड़ी घटना का इंतजार?—नागरिकों का सवाल

स्थानीय नागरिक हितेश साहू ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि क्या विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। 

वहीं विभाग के ईई पी. सिंह दीवान का कहना है कि ठेकेदार को जल्द काम करने के निर्देश दिए गए हैं।