सुशासन तिहार में उमड़ी ग्रामीणों की भीड़, समस्याओं और अव्यवस्थाओं पर फूटा गुस्सा
बढ़ईटोला शिविर में शराब दुकान से लेकर बैंक शाखा, आवास और नौकरी तक की उठी मांगें, गर्मी और अव्यवस्था से लोग परेशान
खैरागढ़. सुशासन तिहार के तहत शुक्रवार को बढ़ईटोला स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला भवन परिसर में समाधान शिविर का आयोजन किया गया, जहां लगभग 20 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण पहुंचे। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लेकर शासन तक अपनी मांग और शिकायतें पहुंचाईं। ग्रामीणों ने गांवों में निजी शराब दुकान खोलने, दैनिक वेतन रोजगार उपलब्ध कराने, केंद्रीय बैंक शाखा शुरू करने, ढीले बिजली तारों को ठीक कराने, आवास, शौचालय और नौकरी जैसी मांगों को लेकर आवेदन दिए।
शिविर में कई विभागों के खिलाफ शिकायतें भी सामने आईं। महिला एवं बाल विकास विभाग के खिलाफ ठेलकाडीह सेक्टर में गर्म भोजन सप्लाई का काम एक ही समूह को दिए जाने तथा स्थानीय समूहों की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया। ग्रामीणों ने मांग की कि स्थानीय महिला समूहों को प्राथमिकता देकर काम दिया जाए।
भीषण गर्मी में पसीना-पसीना हुए लोग
सुशासन तिहार के दौरान भीषण गर्मी से लोग परेशान नजर आए। कार्यक्रम खुले परिसर में आयोजित किया गया था, जहां पर्याप्त राहत की व्यवस्था नहीं होने से लोग लगातार पसीना पोंछते दिखाई दिए। लगाए गए कूलर भी गर्मी के सामने बेअसर साबित हुए। ग्रामीणों का कहना था कि यदि कार्यक्रम स्कूल भवन के अंदर आयोजित किया जाता तो लोगों को कुछ राहत मिल सकती थी, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।

आवेदन व्यवस्था पर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
कार्यक्रम की व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना था कि प्रत्येक पंचायत के सचिव और रोजगार सहायकों के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए जाने चाहिए थे ताकि आवेदन जमा करने में आसानी होती। लेकिन सभी पंचायत कर्मचारियों के लिए एक ही कतार में टेबल लगा दिए गए, जिससे लोगों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा। कई जगह एक ही टेबल पर दो-दो पंचायत सचिव बैठे रहे, जिसके कारण भीड़ और अव्यवस्था बढ़ गई।
ढाई बजे बाद आवेदन लेने से किया मना
शिविर में दोपहर तक भारी भीड़ रही, लेकिन कई ग्रामीण आवेदन जमा करने से वंचित रह गए। पंचायत कर्मचारियों ने करीब ढाई बजे के बाद आवेदन लेने से मना कर दिया। कर्मचारियों का कहना था कि बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनकी छंटनी और विभागवार निराकरण प्रक्रिया पूरी करनी है।
घोटिया निवासी गणेशु यादव आवेदन लेकर पहुंचे थे। उन्होंने एक आवेदन जमा करने के बाद अन्य समस्याओं के लिए भी आवेदन देना चाहा, लेकिन उनका आवेदन नहीं लिया गया। उन्हें जनसमस्या निवारण पोर्टल और जनदर्शन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने की सलाह दी गई।

तीन बजे बाद भी पहुंचते रहे ग्रामीण
कार्यक्रम लगभग तीन बजे तक चला, लेकिन समय की स्पष्ट जानकारी नहीं होने के कारण कई ग्रामीण बाद में भी पहुंचते रहे। उस समय तक अधिकांश कर्मचारी दस्तावेजी कार्यों में व्यस्त हो चुके थे। हालांकि कुछ कर्मचारियों ने मानवीय पहल दिखाते हुए समय समाप्त होने के बाद भी कुछ लोगों के आवेदन स्वीकार किए।

त्वरित निराकरण पर उठे सवाल
शिविर में त्वरित निराकरण के दावों पर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए। महतारी वंदन योजना से जुड़ी महिलाओं को बताया गया कि पोर्टल खुलने पर प्राथमिकता से आवेदन भरे जाएंगे। इस पर लोगों ने कहा कि पिछले वर्ष दिए गए आवेदन अब तक लंबित हैं और लाभ नहीं मिला है।
वहीं पेंशन के लिए आवेदन करने वालों को गरीबी रेखा सूची में नाम नहीं होने का हवाला देकर मामला निराकृत बताया गया। आवास और निर्माण कार्यों की मांग करने वालों को स्टीमेट भेजने की बात कहकर संतुष्ट करने का प्रयास किया गया।
ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सुशासन तिहार केवल आवेदन लेने का कार्यक्रम बनकर रह गया है, जबकि वास्तविक निराकरण के नाम पर सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं।



