महिला अधिकारी के खिलाफ गंदी हरकतें, आरोपी भाजपा जनपद सदस्य सुधीर गोलछा की अग्रिम जमानत खारिज
अधिकारी ने सभापति सुधीर गोलछा पर लगाए गंभीर आरोप
सोशल मीडिया पर दो धड़े आमने-सामने: एक पक्ष ने उठाए महिला सुरक्षा के सवाल, दूसरा बता रहा राजनीतिक साजिश
खैरागढ़. छुईखदान थाना क्षेत्र में एक बड़े विभाग में पदस्थ एक महिला अधिकारी ने स्थानीय जनपद सभापति और भाजपा नेता के खिलाफ लगातार शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाने, पीछा करने, अश्लील फोन कॉल करने और मानसिक प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया है। पीड़ित अधिकारी के अनुसार आरोपी सुधीर गोलछा ने उनके कार्यालय में ही पहली मुलाकात में अभद्र टिप्पणी करना शुरू कर दिया था।
कार्यालय में दबाव और धमकी: “पूर्व सीईओ का हाल देख लिया है?”
शिकायत में बताया गया है कि जनपद सभापति होने के नाते आरोपी बार-बार उनके कैबिन में आता था और प्रशासनिक बातचीत के नाम पर अन्य कर्मचारियों को बाहर भेजने का दबाव बनाता था। आरोपी ने अधिकारी की व्यक्तिगत जीवन के बारे में जानकारी देते हुए उन्हें तलाकशुदा बताकर मानसिक रूप से आहत किया और धमकी दी कि यदि उसकी बात नहीं मानी गई तो “पूर्व सीईओ का हाल” देखने को मिलेगा। इससे अधिकारी भयभीत हो गईं और उन्होंने तुरंत आरोपी को कैबिन से बाहर निकाल दिया।
फोन से परेशान करना, घर का पता बताकर पीछा करना और ब्लॉक करने पर वरिष्ठों में शिकायत
पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उनके मोबाइल नंबर पर अपने नंबर से लगातार कॉल करना शुरू कर दिया, गंदी बातें कीं और मिलने के लिए दबाव बनाया। जब उन्होंने आरोपी का नंबर ब्लॉक कर दिया, तो उसने उनके वरिष्ठ अधिकारी (जिला अधिकारी) को फोन कर शिकायत कर दी कि अधिकारी उसके कॉल नहीं उठा रही हैं। इसके अलावा, आरोपी ने यहां तक कह दिया कि उसे उनके घर ( राजनांदगाँव) का काला चमकीला दरवाजा तक मालूम है, जिससे अधिकारी और भी डर गईं।
कानूनी कार्रवाई: बीएनएस की धारा 75, 78, 79 के तहत मामला दर्ज
अधिकारी द्वारा अंततः 15 अप्रैल 2026 को छुईखदान थाना में दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 75(1), 78, और 79 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली। अधिकारी ने अपने आवेदन में स्पष्ट कहा कि वह एक प्रतिष्ठित पद पर हैं और बदनामी के डर से संकोच कर रही थीं, लेकिन आरोपी की हरकतें हद से बढ़ गईं।
सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था, आरोपी अब भी फरार
इस घटना ने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब एक उच्च पदस्थ अधिकारी के साथ ही ऐसी छेड़छाड़ और धमकी की घटना हो सकती है, तो आम कामकाजी महिलाओं की क्या स्थिति होगी, यह चिंता का विषय है।
सोशल मीडिया पर यूजर ने लिखा- भाजपा नेताओं से बेटी बचाओ
इस घटना ने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर व्यापक चर्चा है। एक उपयोगकर्ता ने लिखा- "खैरागढ़ विधानसभा में एक और सत्ताधारी भाजपा नेता पर महिला अधिकारी से यौन शोषण के आरोप... भाजपा नेताओं से बेटी बचाओ, अभियान होना चाहिए। वहीं अन्य टिप्पणियों में आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। वही दूसरा पक्ष इसे राजनीति षड्यंत्र बता रहा है, सुधीर गोलछा श्री सीमेंट फैक्ट्री के विरोध में लगातार आंदोलन की अगुवाई कर रहे है इसलिए उसे फसाने की कोशिश की जा रही है इस प्रकार की चर्चा भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज, गिरफ्तारी की तलवार आरोपी पर लटकी
जानकारी अनुसार अनुसार, आरोपी जनपद सदस्य सुधीर गोलछा FIR दर्ज होने के बाद से गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहा था। उसकी ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी लगभग तय मानी जा रही है। पीड़ित अधिकारी ने लोकलाज के कारण शुरू में शिकायत नहीं की, लेकिन बढ़ते उत्पीड़न के बाद थाने में आवेदन दिया। मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। वह इस संबंध में सुधीर को पक्ष जानने फोन लगाया गया लेकिन उनका फोन बंद बताया गया।



