प्रधान पाठक ने बीईओ पर लगाए गंभीर आरोप, मानसिक प्रताड़ना और वेतन रोकने की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी से

प्रधान पाठक ने बीईओ पर लगाए गंभीर आरोप, मानसिक प्रताड़ना और वेतन रोकने की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी से

रिपोर्टर उमेश्वर वर्मा 

खैरागढ़. विकासखंड के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बैहाटोला के प्रधान पाठक किशोर कुमार शर्मा ने विकासखंड शिक्षाधिकारी (बीईओ) खैरागढ़ पर पद का दुरुपयोग करते हुए मानसिक प्रताड़ना, वेतन रोकने और झूठी विभागीय कार्यवाही कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी खैरागढ़-छुईखदान-गंडई को विस्तृत शिकायत पत्र सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।

निरीक्षण के नाम पर बार-बार कार्रवाई का आरोप

शिकायत में बताया गया है कि 22 नवंबर 2023 को विद्यालय निरीक्षण के दौरान गलत समय अंकित कर स्पष्टीकरण जारी किया गया। प्रधान पाठक के अनुसार 30 नवंबर 2023 को स्कूल प्रबंधन समिति, सरपंच और स्टाफ द्वारा वास्तविक स्थिति का लिखित प्रमाण प्रस्तुत किया गया, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया और 8 दिसंबर 2023 को चेतावनी आदेश जारी कर दिया गया।

मूल्यांकन कार्य के दौरान अनुपस्थित दिखाकर रोका वेतन

प्रधान पाठक शर्मा ने बताया कि 1 अप्रैल से 10 अप्रैल 2025 तक मूल्यांकन कार्य के लिए शिक्षकों को कार्यमुक्त किए जाने की सूचना संकुल समन्वयक द्वारा दी गई थी। इसके बावजूद उन्हें अनुपस्थित दर्शाकर स्पष्टीकरण मांगा गया। उन्होंने 10 अप्रैल 2025 को कार्यालय में उपस्थित होकर जवाब दिया, लेकिन इसके बाद भी उनका वेतन रोक दिया गया। इस मामले में उन्होंने 30 मई 2025 को आवेदन दिया और 3 जून 2025 को कलेक्टर को भी शिकायत सौंपी।

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार आवेदन में बाधा का आरोप

शिकायत के अनुसार 21 जुलाई 2025 को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए आवेदन अग्रेषित करने के समय विकासखंड शिक्षाधिकारी ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। प्रधान पाठक का आरोप है कि वेतन संबंधी शिकायत करने के कारण उनके आवेदन को आगे नहीं बढ़ाया गया, जिससे उन्हें कम अंक मिले। साथ ही संयुक्त संचालक कार्यालय दुर्ग से कार्रवाई कराने की धमकी भी दी गई। उन्होंने दावा किया कि इसका ऑडियो साक्ष्य उनके पास सुरक्षित है।

जांच में सब सामान्य मिलने के बाद भी दबाव

प्रधान पाठक ने बताया कि 20 और 28 नवंबर 2025 को फिर निरीक्षण कर स्पष्टीकरण मांगा गया। 19 दिसंबर 2025 को बिना पूर्व सूचना के मध्याह्न भोजन की जांच कराई गई, जिसमें विद्यालय की स्थिति सामान्य पाई गई। इसके बावजूद शिक्षकों पर उनके खिलाफ बयान देने का दबाव बनाया गया। 26 फरवरी 2026 को हुई एक अन्य जांच में भी विद्यालय की स्थिति संतोषजनक बताई गई।

एरियर्स भुगतान में भी देरी का आरोप

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि राज्यपाल शिक्षक पुरस्कार के बाद मिलने वाली वेतनवृद्धि तो देर से जोड़ी गई, लेकिन उसका एरियर्स अब तक जारी नहीं किया गया। इसके अलावा उनकी पत्नी की पीएचडी उपरांत देय एरियर्स राशि भी आदेश के बावजूद लंबित रखी गई है।

सेवा पुस्तिका में छेड़छाड़ की आशंका

प्रधान पाठक ने आशंका जताई है कि उनके और उनकी पत्नी की सेवा पुस्तिका में छेड़छाड़ कर भविष्य में नुकसान पहुंचाया जा सकता है। साथ ही संकुल समन्वयक के लिए शिक्षकों द्वारा उनका नाम प्रस्तावित किए जाने के बावजूद उन्हें जिम्मेदारी नहीं दी गई।

उच्च स्तरीय जांच की मांग

प्रधान पाठक किशोर कुमार शर्मा ने जिला शिक्षा अधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच कराने, दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई पर रोक लगाने और लंबित एरियर्स भुगतान कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही कार्रवाई और मानसिक दबाव के कारण वे डिप्रेशन में चले गए हैं।

शिकायत में चेतावनी दी गई है कि यदि उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होंगे। प्रधान पाठक ने कहा कि जांच के दौरान वे अपने पास उपलब्ध ऑडियो साक्ष्य और दस्तावेज भी प्रस्तुत करने के लिए तैयार हैं।

मेरे संज्ञान में अभी तक इस प्रकार की कोई शिकायत नहीं आई है। यदि संबंधित प्रकरण में कोई शिकायत प्राप्त आया है तो उसकी नियमानुसार जांच कराई जाएगी और तथ्य के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

— लालजी द्विवेदी, जिला शिक्षा अधिकारी, केसीजी