धान खरीदी केंद्र में अवैध वसूली का आरोप, किसान ने वीडियो बनाकर कलेक्टर से की शिकायत

धान खरीदी केंद्र में अवैध वसूली का आरोप, किसान ने वीडियो बनाकर कलेक्टर से की शिकायत

खैरागढ़. जिले के विचारपुर धान खरीदी केंद्र में धान बेचने पहुंचे किसान परिवार से कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है। शिकारीटोला निवासी किसान देविका सिन्हा के परिवार ने सहकारिता विभाग और कलेक्टर से शिकायत कर आरोप लगाया है कि धान खरीदी के दौरान केंद्र प्रबंधन गंगा राम साहू द्वारा धान की गुणवत्ता खराब बताकर दबाव बनाया गया और बाद में राशि की मांग की गई। शिकायत के साथ वीडियो रिकॉर्डिंग का भी हवाला दिया गया है, जिससे मामले ने तूल पकड़ लिया है।

धान वापस ले जाओ” कहकर बढ़ाई गई किसान की चिंता

शिकायत के अनुसार 27 जनवरी को किसान देविका सिन्हा 270 बोरा धान बेचने खरीदी केंद्र पहुंचे थे। इसी दौरान उनके नामिनी डिकेश सिन्हा और दामाद तुलेश सिन्हा भी मौजूद थे। आरोप है कि धान जांच के दौरान प्रबंधन ने कहा कि धान की क्वालिटी खराब है और यह नहीं खरीदा जाएगा, इसे वापस ले जाना पड़ेगा। महीनों की मेहनत, लागत और उम्मीद के साथ पहुंचे किसान परिवार के सामने संकट खड़ा हो गया। किसान ने मिन्नत की कि धान वापस भेजना संभव नहीं है, तब कथित तौर पर पैसों की मांग शुरू हुई।

वीडियो में कैद हुई कथित लेन-देन की बातचीत

शिकायतकर्ता तुलेश सिन्हा का आरोप है कि जब उन्होंने प्रबंधन से पूछा कि कितना देना होगा, तब कथित रूप से 10 से 15 हजार रुपए तक की मांग की गई। तुलेश ने चुपके से वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। शिकायत में दावा किया गया है कि बाद में 150 रुपए नकद दिए गए और शेष राशि ऑनलाइन भेजने के लिए बारकोड भी उपलब्ध कराया गया, जिसके माध्यम से 300 रुपए किसी अन्य व्यक्ति के जरिए ट्रांसफर किए गए। किसान परिवार का कहना है कि यह सब धान खरीदी सुचारू रूप से कराने के दबाव में करना पड़ा।

किसानों का दर्द— मेहनत हमारी, चिंता हमारी, दबाव भी हम पर

ग्रामीण किसानों का कहना है कि एक-एक बोरा धान खेत से मंडी तक पहुंचाने में महीनों की मेहनत, मजदूरी और परिवहन खर्च लगता है। जब खरीदी केंद्र में पहुंचने के बाद गुणवत्ता के नाम पर धान लौटाने या दबाव बनाने जैसी स्थिति बनती है, तो किसान मानसिक और आर्थिक रूप से टूट जाता है। किसानों का आरोप है कि ऐसे मामलों में छोटे और सीमांत किसान सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं, क्योंकि उनके पास वैकल्पिक व्यवस्था या लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने की क्षमता नहीं होती।

प्रबंधक ने आरोपों से किया इनकार

विचारपुर धान खरीदी केंद्र के प्रबंधक गंगाराम साहू ने अवैध वसूली के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की विभागीय जांच हो चुकी है और संबंधित पक्षों के बयान भी लिए जा चुके हैं। प्रबंधक का कहना है कि शिकायत करने वाला व्यक्ति वास्तविक किसान नहीं, बल्कि “थर्ड पर्सन” है, जो इस मामले को अलग दिशा देने की कोशिश कर रहा है।

वीडियो संबंधी सवाल पर गंगाराम साहू ने कहा कि उन्हें ऐसा कोई वीडियो जांच के दौरान नहीं दिखाया गया। उन्होंने बताया कि जांच में किसानों को भी बुलाया गया था और उनके अनुसार किसानों ने किसी प्रकार की राशि दिए जाने की बात से इनकार किया है।