खैरागढ़ जिले में अवैध धान पर बड़ी कार्रवाई: 65 प्रकरणों में 3311 क्विंटल धान जब्त, कीमत 66 लाख के पार
खैरागढ़। जिले में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के मार्गदर्शन में प्रशासन ने अवैध धान के परिवहन, भंडारण और अनधिकृत खरीदी-बिक्री के खिलाफ एक सघन अभियान छेड़ दिया है, जिसके तहत अब तक कुल 65 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं। इन कार्यवाहियों में अब तक 3311.60 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया है, जिसका बाजार मूल्य लगभग 66.22 लाख रुपये आंका गया है। जिला प्रशासन की इस सख्ती से बिचौलियों और अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
प्रशासन की विशेष प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि अन्य राज्यों से लाए गए धान को स्थानीय उपार्जन केंद्रों में खपाने की कोशिश न की जाए। इसके लिए खाद्य, राजस्व, कृषि, मंडी और सहकारिता विभाग की संयुक्त टीमों के साथ-साथ विशेष उड़नदस्ता दलों का गठन किया गया है, जो सीमावर्ती क्षेत्रों और संदिग्ध ठिकानों पर दिन-रात निगरानी कर रहे हैं। इसी निगरानी का परिणाम है कि हाल ही में जलबांधा स्थित जय शक्ति ट्रेडर्स से 85 कट्टा और मारुटोला के हे राम ट्रेडर्स से 80 कट्टा धान अवैध रूप से परिवहन करते हुए पकड़ा गया। इन दोनों ही मामलों में धान को जब्त कर संबंधितों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
आम नागरिकों को इस अभियान से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन ने एक टोल फ्री नंबर 9407957350 भी जारी किया है, जिस पर कोई भी व्यक्ति अवैध भंडारण या परिवहन की गुप्त सूचना सीधे अधिकारियों तक पहुंचा सकता है। जिला खाद्य अधिकारी भुनेश्वर चेलक ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया है कि अनियमित खरीदी-बिक्री के विरुद्ध आगे भी ऐसी ही कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे किसी के बहकावे में न आएं और केवल अपने पंजीकृत रकबे में उत्पादित वास्तविक धान का ही विक्रय करें ताकि उन्हें भविष्य में किसी भी कानूनी अड़चन का सामना न करना पड़े।



