सावित्रीबाई फुले की स्मृति में इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में शिक्षा व मनोविकास पर विशेष सेमिनार

सावित्रीबाई फुले की स्मृति में इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में शिक्षा व मनोविकास पर विशेष सेमिनार

खैरागढ़. भारत की प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की स्मृति में 23 जनवरी को इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के सभागार में शिक्षा एवं मनोविकास पर आधारित विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय स्वास्थ्य प्रबंधन, कार्यों का दबाव और सफल व्यवहारिक विधियां तथा शैक्षिक विकास में छात्र–शिक्षक चुनौतियां और समाधान रहा। यह आयोजन शैक्षिक प्रगतिशील मंच, देश की बात फाउंडेशन एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयास से संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आम नागरिक शामिल हुए।

मुख्य वक्ता प्रख्यात मनोचिकित्सक डॉ. प्रमोद गुप्ता ने जीवन में बढ़ते दबाव, तनाव प्रबंधन और मानसिक संतुलन पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि सकारात्मक संवाद, आत्म-अनुशासन और सहयोगी सामाजिक वातावरण व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाते हैं। विद्यार्थियों और शिक्षकों को व्यवहारिक तकनीकों के माध्यम से संतुलन, लक्ष्य निर्धारण और आत्मविश्वास बढ़ाने के उपाय बताए। विशेष वक्ता डॉ. एम. एस. भदौरिया ने मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक उत्तरदायित्व के संबंधों पर प्रकाश डालते हुए सकारात्मक कार्य संस्कृति को उत्पादकता की कुंजी बताया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ प्रेमकुमार पटेल ने प्रशासनिक सेवाओं में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनसरोकारों की भूमिका पर जोर दिया, जबकि डीएफओ पंकज राजपूत ने स्वस्थ जीवनशैली, अध्ययन तकनीक और प्रकृति से जुड़ाव को मानसिक सुदृढ़ता के लिए आवश्यक बताया। इस अवसर पर अपने श्रम से जीवन का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करने वाले चिंताराम कोठले और बिसेशर गढ़ेवाल सहित विभिन्न विभागों व क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कई व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में शहर और आंचल के वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, युवाओं तथा बड़ी संख्या में छात्र–छात्राओं की सक्रिय भागीदारी रही। आयोजन का संयोजन निलेश कुमार यादव ने किया, जबकि संचालन पूनम सुरेखा गोपाल एवं विप्लव साहू ने किया। स्वास्थ्य विभाग के विशेष सहयोग से आयोजित इस सेमिनार ने शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक विकास के आपसी संबंधों पर सार्थक विमर्श को नई दिशा दी