आपसी मामला सुलझ जाता, मीडिया में आने से हुआ जटिल — सरपंच संघ
खैरागढ़. जनपद पंचायत खैरागढ़ में सरपंच संघ की बैठक से जुड़े मुद्दों के मीडिया में आने के बाद सोमवार दोपहर संघ के पदाधिकारियों ने सभाकक्ष में आपात बैठक बुलाई। बताया जा रहा है कि खबर प्रकाशित होने के बाद संघ के व्हाट्सएप समूहों में लगातार संदेश भेजकर यह जानने की कोशिश की गई कि बैठक की जानकारी मीडिया तक कैसे पहुंची और किसने इसे बाहर साझा किया। जब किसी एक व्यक्ति की पहचान नहीं हो सकी, तब जल्दबाजी में पदाधिकारियों की विशेष बैठक आयोजित कर आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार सरपंच संघ पूर्व में उठे कथित अवैध वसूली के मुद्दे पर उच्च स्तर पर शिकायत करने की तैयारी कर रहा था, लेकिन खबर सार्वजनिक हो जाने से यह योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में चली गई। सूत्रों का कहना है कि संघ पहले इस विषय को आंतरिक स्तर पर सुलझाने के पक्ष में था और औपचारिक रूप से जिला या उच्च अधिकारियों से संपर्क करने की रणनीति बना रहा था।
बैठक में कुछ सरपंचों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मीडिया में मामला आने से पंचायत प्रतिनिधियों और विभाग दोनों की छवि प्रभावित हुई है। सरपंच दिलेश्वर यदु ने बताया कि बैठक में उठे मुद्दों पर पहले जनपद अध्यक्ष के माध्यम से संबंधित अधिकारियों से चर्चा करने की योजना थी। उनका कहना था कि यह मामला सरपंचों और जनपद प्रशासन के बीच का था, जिसे आपसी संवाद से सुलझाया जा सकता था, लेकिन सार्वजनिक होने से स्थिति जटिल हो गई। सरपंच संघ अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि सभी सरपंचों की ऐसी शिकायत नहीं है, बल्कि कुछ सरपंचों की समस्याएं हैं, जिनका बैठकर समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
हालांकि कुछ पदाधिकारियों ने यह भी माना कि पंचायतों से जुड़े गंभीर मुद्दों का समाधान आवश्यक है और आगे की कार्रवाई पर विचार जारी है। संघ ने फिलहाल आंतरिक समन्वय बनाए रखने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने पर जोर दिया, जबकि सूत्रों के मुताबिक शिकायत संबंधी विकल्प पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं और परिस्थितियों के अनुसार आगे निर्णय लिया जा सकता है।



