केसीजी जिले में धधक रहा अवैध ईंट भट्ठा कारोबार, प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप

केसीजी जिले में धधक रहा अवैध ईंट भट्ठा कारोबार, प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप

संवाददाता - मंदीप सिंह चौरे

खैरागढ़. नवगठित खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में अवैध ईंट भट्ठों का कारोबार बेलगाम होकर पर्यावरण और राजस्व दोनों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। घोठिया, दामरी, सोनपुरी, चंदेनी सहित कई ग्रामीण इलाकों में बिना रॉयल्टी और बिना पर्यावरणीय अनुमति के लाल ईंट भट्ठे खुलेआम संचालित हो रहे हैं। नदी तटों से अवैध उत्खनन कर मिट्टी निकाली जा रही है और बड़ी मात्रा में लकड़ी जलाकर भट्टों को धधकाया जा रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन भट्ठों को रसूखदार तत्वों और कुछ विभागीय कर्मचारियों का संरक्षण प्राप्त है, इसलिए कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकताएं निभाई जाती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी कई बार निरीक्षण के लिए आते हैं, भट्ठों को देखते हैं, आश्वासन देकर लौट जाते हैं और मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। साल दर साल यही सिलसिला चलता रहता है, लेकिन अवैध कारोबार पर ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती।

स्थिति यह है कि कई भट्ठे रिहायशी इलाकों के बेहद करीब संचालित हो रहे हैं, जिससे निकलने वाला धुआं बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। न तो प्रदूषण नियंत्रण के कोई उपाय किए गए हैं और न ही सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नियम-कानून आम नागरिकों पर तो सख्ती से लागू होते हैं, लेकिन ईंट माफिया के सामने प्रशासन पूरी तरह असहाय नजर आता है।

विशेषज्ञों के अनुसार अवैध उत्खनन से नदियों और कृषि भूमि को भी भारी क्षति पहुंच रही है। हर वर्ष करोड़ों रुपये की रॉयल्टी चोरी होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बावजूद इसके खनिज और राजस्व विभाग की निष्क्रियता ने सरकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अवैध भट्ठों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं हुई, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। लोगों का कहना है कि प्रशासन की चुप्पी ने ईंट माफिया के हौसले बुलंद कर दिए हैं और अब पूरे जिले में कानून व्यवस्था तथा पर्यावरण संरक्षण दोनों ही संकट में पड़ते नजर आ रहे हैं।


चिमनी भट्टों को नियमानुसार लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं, अब तक दो भट्टों को वैध अनुमति प्रदान की गई है। शेष अवैध रूप से संचालित भट्टों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई जारी है तथा कई ईंट भट्टा संचालकों को नोटिस भी जारी किए गए हैं।

बबलू पांडे, खनिज अधिकारी जिला केसीजी