RTE फंड घोटाले का आरोप: करोड़ों की गड़बड़ी पर ACB जांच और FIR की मांग
खैरागढ़।जिले में संचालित एक निजी शिक्षण संस्था ( केजऊ राम चौरे स्मृति विद्या मंदिर, देवरी) पर आरटीई फंड सहित करोड़ों रुपये के गबन, बैंक धोखाधड़ी और प्रशासनिक मिलीभगत के गंभीर आरोप लगे हैं। इस संबंध में उच्च स्तरीय शिकायत भेजते हुए प्रकरण की जांच एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) और आर्थिक अपराध अन्वेषण विंग (EOW) से कराने तथा तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। शिकायत में कहा गया है कि संबंधित शिक्षण समिति द्वारा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की राशि का दुरुपयोग कर निजी लाभ अर्जित किया गया है।
जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी के संकेत, कार्रवाई लंबित
शिकायत कर्ता नारायण वर्मा ने शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि पूर्व में हुई जांच रिपोर्टों में अनियमितताओं की पुष्टि हो चुकी है, इसके बावजूद अब तक कठोर कार्रवाई नहीं की गई है। आरोप है कि बिना ऑडिट और भौतिक सत्यापन के वर्षों तक शासकीय राशि जारी की गई, जिससे बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी की आशंका है। मामले में संबंधित विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।
बैंक ऋण और फर्जी दस्तावेजों का आरोप
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि संस्था द्वारा बैंक से ऋण प्राप्त करने के लिए फर्जी दस्तावेजों और हस्ताक्षरों का उपयोग किया गया। बिना आवश्यक अनुमति के ऋण स्वीकृत किए जाने में बैंक अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की गई है। साथ ही संगठित तरीके से फर्जी कार्यकारिणी बनाकर घोटाले को अंजाम देने की बात भी कही गई है।
फोरेंसिक ऑडिट और संपत्ति जांच की मांग
प्रकरण में वर्ष 2010 से 2025 तक प्राप्त सभी शासकीय अनुदानों और आरटीई प्रतिपूर्ति की फोरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की गई है। इसके अलावा आरोपियों द्वारा इस अवधि में अर्जित चल-अचल संपत्तियों की भी जांच करने और दोष सिद्ध होने पर जब्ती की कार्रवाई करने की मांग उठाई गई है।
मान्यता रद्द करने और सख्त कार्रवाई की मांग
शिकायत में यह भी कहा गया है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित विद्यालय की मान्यता निरस्त कर शासकीय राशि की वसूली की जाए। प्रकरण को “सरकारी धन की सुनियोजित लूट” बताते हुए जल्द कार्रवाई नहीं होने पर साक्ष्य प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।



