युवा मोर्चा सूची पर घमासान: ‘पैराशूट’ नियुक्ति से ठेलकाडीह भाजपा में बवाल, कांग्रेस कनेक्शन और उम्र पर सवाल
खैरागढ़. केसीजी जिले के ठेलकाडीह मंडल में भारतीय जनता युवा मोर्चा की नई कार्यकारिणी को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले से चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच अब एक नया मामला सामने आया है, जिसमें युवा मोर्चा में शामिल किए गए एक पदाधिकारी पर कांग्रेस से जुड़े रहने और उम्र सीमा का उल्लंघन करने का आरोप लगा है। इस मामले ने संगठन में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष ने किया दावा: 'सुरेंद्र वर्मा हमारे महासचिव हैं'
विवाद का केंद्र महरूम कला निवासी चुरेंद्र वर्मा बन गए हैं, जिन्हें भाजपा युवा मोर्चा की नई सूची में महामंत्री का पद दिया गया है। कांग्रेस के डोंगरगढ़ विधानसभा अध्यक्ष सौरभ वैष्णव ने बातचीत में दावा किया कि चुरेंद्र वर्मा 2021 से कांग्रेस से जुड़े हैं और युवा कांग्रेस में विधानसभा महासचिव के पद पर कार्यरत हैं।

सौरभ वैष्णव ने कहा, “चुरेंद्र वर्मा, महरूम कला निवासी, मेरा यूथ कांग्रेस में पदाधिकारी है। 2021 में यह सूची जारी हुई थी, वो विधानसभा महासचिव है। उसने कोई इस्तीफा नहीं दिया है, ना उसे पार्टी से निकाला गया है।
चुरेंद्र वर्मा का खंडन: 'कभी कांग्रेस में नहीं गया, भाजपा सदस्यता कार्ड भी बना है'
वहीं, चुरेंद्र वर्मा ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। फोन पर बातचीत में उन्होंने कहा कि वह कभी कांग्रेस में नहीं गए और न ही कभी उनकी कोई बैठक में शामिल हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले 5 सालों से वह भाजपा के लिए काम कर रहे हैं।
चुरेंद्र वर्मा ने कहा, मैं कांग्रेस में नहीं जुड़ा हूँ सर, कभी भी नहीं। अभी 5 साल से मैं बीजेपी का पूरा काम कर रहा हूँ तन-मन से। मेरा सदस्यता कार्ड भी बना है। उम्र को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि उन्होंने 39 वर्ष पूरे कर लिए हैं और 40 वर्ष रनिंग है।
युवा मोर्चा अध्यक्ष को नहीं थी उम्र की जानकारी
युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष एवन विश्वकर्मा ने चुरेंद्र वर्मा को पद देने का बचाव करते हुए कहा कि वह पिछले 5 सालों से भाजपा के लिए काम कर रहे हैं, इसलिए उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, उम्र को लेकर उन्होंने स्पष्टता नहीं दिखाई और कहा कि इसकी जानकारी लेने के बाद ही कुछ बता सकेंगे।
मंडल अध्यक्ष भोज बंजारे ने उठाए सवाल
ठेलकाडीह मंडल अध्यक्ष भोज बंजारे ने इस नियुक्ति पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने दावा किया कि सुरेंद्र वर्मा कभी भी भाजपा की बैठकों में शामिल नहीं हुए और न ही उन्होंने कभी पार्टी की सदस्यता ली थी।
भोज बंजारे ने कहा, मैं मंडल अध्यक्ष बनने से पहले शक्ति केंद्र प्रभारी था, लेकिन चुरेंद्र वर्मा ने कभी भी भाजपा की सदस्यता नहीं ली। मैं जब से मंडल अध्यक्ष हूं, तब से उन्हें कभी पार्टी की मीटिंग में आते नहीं देखा। बिना अनुमोदन के उन्हें महामंत्री बनाया गया है, जिससे कई कार्यकर्ता नाराज हैं।
हम दोनों एक ही गाँव के निवासी हैं, संबंधित व्यक्ति ने कभी भी भारतीय जनता पार्टी के लिए कोई सक्रिय कार्य नहीं किया है। न तो वह मेरे साथ कभी चुनाव के दौरान वोट मांगने गया और न ही किसी प्रकार की पार्टी गतिविधियों, जैसे चिट्ठी-पत्री वितरण या प्रचार-प्रसार में शामिल हुआ।
वह ठेलकाडीह शक्ति केंद्र से जुड़ा बताया जा रहा है, लेकिन वास्तविकता यह है कि वह कभी भी शक्ति केंद्र की बैठक में शामिल नहीं हुआ। संगठनात्मक स्तर पर उसकी कोई सक्रिय भूमिका मैंने कभी नहीं देखी।
इसके विपरीत, लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान वह कांग्रेस के पक्ष में प्रचार करता रहा है और वोट मांगने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करता रहा है। यह बात क्षेत्र के लोगों के बीच भी सर्वविदित है।
दोहरी सदस्यता और उम्र सीमा पर उठे सवाल

चुरेंद्र वर्मा की नियुक्ति ने दो बड़े सवाल खड़े किए हैं। पहला, यदि वह कांग्रेस के पदाधिकारी थे, तो बिना इस्तीफा दिए भाजपा में पद कैसे दिया गया? दूसरा, भाजपा युवा मोर्चा में अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष है, जबकि चुरेंद्र वर्मा की उम्र 39 वर्ष बताई जा रही है।
कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष सौरभ वैष्णव ने कहा कि वह स्वयं चुरेंद्र वर्मा से संपर्क करके इसकी पुष्टि करेंगे कि उन्होंने कांग्रेस छोड़ी भी या नहीं। उधर, भाजपा के जिला अध्यक्ष बिसेसर साहू ने पहले ही मंडल अध्यक्ष के दावों को खारिज करते हुए कहा था कि सूची अनुशंसा से ही जारी की गई है।
आगे की क्या है संभावना?
ठेलकाडीह मंडल का यह मामला अब सिर्फ अंदरूनी खींचतान से आगे बढ़कर पार्टी विरोधी गतिविधियों और संगठनात्मक पारदर्शिता के मुद्दे पर पहुंच गया है। एक ओर जहां भाजपा संगठन एकजुटता के दावे कर रहा है, वहीं इस तरह के मामले पार्टी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होना जरूरी होगा कि चुरेंद्र वर्मा की सदस्यता की वास्तविक स्थिति क्या है, उनकी उम्र को लेकर पार्टी का क्या रुख है और सबसे बढ़कर, यह पूरी सूची किस आधार पर और किसके अनुमोदन से जारी की गई। यह मामला भाजपा के लिए चुनौती बनता दिख रहा है



