केसीजी जिले के लिए बजट में करोड़ों का फेरा, कहां-कितना मिला ये रहा पूरा लेखा-जोखा

केसीजी जिले के लिए बजट में करोड़ों का फेरा, कहां-कितना मिला ये रहा पूरा लेखा-जोखा

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के लिए बजट में विकास की सौगात: हर क्षेत्र के लिए करोड़ों का प्रावधान

खैरागढ़. मंगलवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत वार्षिक बजट में नवगठित खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) जिले को विकास की सौगातों से लाद दिया गया है। प्रशासनिक ढांचे को मजबूती देने से लेकर सड़क, पुल, सिंचाई, शिक्षा, सुरक्षा, पशुपालन और नगरीय विकास तक हर क्षेत्र के लिए करोड़ों रुपए का प्रावधान किया गया है। 

प्रशासनिक एवं सुरक्षा ढांचे को मिलेगी मजबूती

जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। केसीजी जिले में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आवास गृहों के निर्माण हेतु बजट में राशि शामिल की गई है। बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए जिले में साइबर थाना के संचालन हेतु पद स्वीकृत किए गए हैं। जिला मुख्यालय में नगर सेना एवं अग्निशमन सेवा के लिए प्रशासनिक भवन निर्माण के साथ-साथ एक महिला एवं एक पुरुष बैरक के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। इसके अतिरिक्त, जिला जेल सलोनी (खैरागढ़) में सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए मुख्य दीवार की ऊंचाई में वृद्धि जैसे आवश्यक निर्माण कार्यों के लिए 15 लाख रुपए का विशेष प्रावधान किया गया है। वहीं, परिवहन कार्यालय की स्थापना के लिए भी पद स्वीकृत किए गए हैं, जिससे जिले में लगभग 15 से अधिक नए पदों पर भर्ती की संभावना बन गई है।

प्रशासनिक भवनों का होगा भव्य निर्माण

जिले में विभिन्न विभागों के अपने भवन न होने से होने वाली परेशानियों को देखते हुए बजट में कई भवन निर्माण कार्यों को शामिल किया गया है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सह तहसील कार्यालय के लिए कंपोजिट बिल्डिंग निर्माण हेतु करोड़ों रुपए का प्रावधान किया गया है। उपसंचालक कृषि कार्यालय के लिए भी भवन निर्माण हेतु करोड़ों रुपए आवंटित किए गए हैं। नव निर्मित जिले में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए संयुक्त कार्यालय भवन निर्माण हेतु 70 लाख रुपए की राशि बजट में शामिल की गई है। इसके अलावा, जिले में खेल अधिकारी, उप अभियंता और सहायक अभियंता जैसे तकनीकी एवं प्रशासनिक पदों के सृजन की भी घोषणा की गई है।

नगरीय विकास को मिलेगा नया आयाम

नगर पालिका खैरागढ़ और नगर पंचायत छुईखदान में शहरी सुविधाओं के विस्तार के लिए बजट में भारी भरकम राशि का प्रावधान किया गया है। इन नगरीय निकायों में सड़क निर्माण, ड्रेनेज सिस्टम, जलापूर्ति, पार्क एवं हरित क्षेत्र विकास, आवास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ ही रोजगार, व्यापार एवं उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के कार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, ई-गवर्नेंस, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम, आधुनिक सुरक्षा प्रणाली, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने, जल संरक्षण, सुझाव एवं शिकायत निवारण प्रणाली तथा रिपोर्टिंग प्रणाली जैसे आधुनिक नागरिक सेवा कार्यों के लिए भी करोड़ों रुपए आवंटित किए गए हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक विस्तार

शिक्षा के क्षेत्र में जिले को कई बड़ी उपलब्धियां हाथ लगी हैं। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत जिला परियोजना कार्यालय के लिए नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है, जिससे शैक्षणिक प्रशासन को मजबूती मिलेगी। जिले के विभिन्न हिस्सों में 14 प्राथमिक शालाओं के लिए नए भवनों की घोषणा की गई है। खैरागढ़ ब्लॉक के धनेली, शेरगढ़, लिमतरा, पिपरिया, प्रकाशपुर, अवेली, चिंगली, चारभाठा, कटंगी खुर्द तथा छुईखदान ब्लॉक के संडी, हाथीझोला, लछना झिरिया, उदान और खर्रा के सरकारी स्कूलों में प्रति भवन ₹11.48 लाख की लागत से नए कक्षाओं का निर्माण होगा।

माध्यमिक शिक्षा के स्तर पर छुईखदान ब्लॉक के देवरच्चा में हाई स्कूल भवन निर्माण के लिए ₹75.23 लाख का प्रावधान किया गया है। वहीं, उच्चतर माध्यमिक शिक्षा के लिए झुरानदी और उदयपुर में हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण हेतु ₹121.16 लाख प्रति भवन की दर से बजट आवंटित किया गया है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शासकीय महाविद्यालय मुढ़ीपार और जालबांधा के लिए 465 लाख की अनुमानित लागत में से इस वर्ष 100 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। आदिवासी छात्राओं के लिए छुईखदान के साल्हेवारा में 50 सीटर पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास के निर्माण हेतु भी लाखों रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार

पशुपालन के क्षेत्र में जिले को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। जिले के विकासखंड मुख्यालयों में स्थित पशु चिकित्सालयों का उन्नयन कर उन्हें जिला चिकित्सालय का दर्जा दिए जाने की तैयारी है, जिसके लिए एक पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ के पद को स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा, केसीजी जिले में पशु रोगों की समय पर जांच और रोकथाम के लिए नवीन पशु रोग अन्वेषण प्रयोगशाला के भवन निर्माण हेतु भी लाखों रुपए का बजट प्रावधान किया गया है।

सिंचाई परियोजनाओं का जीर्णोद्धार एवं विस्तार

किसानों की आय बढ़ाने और सिंचाई सुविधाओं को विस्तार देने के लिए कई सिंचाई परियोजनाओं को बजट में शामिल किया गया है। सिंगारपुर व्यवर्तन योजना के शीर्ष कार्य के जीर्णोद्धार एवं नहरों के रीमॉडलिंग और लाइनिंग कार्य के लिए 350 लाख की अनुमानित लागत में से इस वर्ष 100 लाख रुपए व्यय किए जाएंगे। इसी तरह जुरलाकला व्यवर्तन योजना (250 लाख में से 100 लाख वार्षिक), जीराटोला जलाशय की बायीं एवं दायीं तट नहरों का रीमॉडलिंग एवं लाइनिंग (500 लाख में से 100 लाख वार्षिक), चिंगली डायवर्सन योजना (500 लाख में से 100 लाख वार्षिक) तथा डुंडा डायवर्सन योजना के शीर्ष कार्य एवं नहरों के रीमॉडलिंग और लाइनिंग (1650 लाख में से 100 लाख वार्षिक) के लिए बजट में राशि का प्रावधान किया गया है।

इनके अतिरिक्त, आमनेर नदी में मुतेडा गांव के पास रपटा सह स्टॉपडैम निर्माण कार्य के लिए 200 लाख की अनुमानित लागत में से इस वर्ष 100 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे।

अपरीक्षित नवीन मदों में सिंचाई के लिए भारी प्रावधान

बजट में कुछ नवीन सिंचाई कार्यों को विशेष रूप से "अपरीक्षित नवीन मद" के रूप में शामिल किया गया है। इनमें कुकरापाट व्यवर्तन योजना के नहरों का रीमॉडलिंग एवं लाइनिंग तथा दायीं तट मुख्य नहर से प्रधानपाठ बैराज नहर तक विस्तार कार्य के लिए 550 लाख की अनुमानित लागत में से इस वर्ष 500 लाख रुपए व्यय किए जाने का प्रावधान है। प्रधानपाठ बैराज योजना के मुख्य फीडर नहर का ग्राम परसबोड़ से देवारीभाठ जलाशय तक विस्तार कार्य के लिए भी 550 लाख की अनुमानित लागत में से पूरे 550 लाख रुपए इसी वर्ष खर्च किए जाएंगे।

सेतवा जलाशय के शीर्ष कार्य के जीर्णोद्धार एवं नहरों के रीमॉडलिंग और सीसी लाइनिंग के लिए 650 लाख की अनुमानित लागत में से इस वर्ष 550 लाख रुपए खर्च होंगे। वहीं साल्हेवारा जलाशय के जीर्णोद्धार, नहरों के रीमॉडलिंग एवं लाइनिंग कार्य के लिए 500 लाख की अनुमानित लागत में से इस वर्ष 400 लाख रुपए का व्यय प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा में व्यापक विस्तार होगा।

सड़क एवं पुल निर्माण से जुड़ेगा ग्रामीण क्षेत्र

जिले में संपर्क मार्गों को मजबूती देने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के तहत कई सड़कों के सुदृढ़ीकरण एवं नवीनीकरण का कार्य किया जाएगा। छुईखदान क्षेत्र में उदयपुर से खैरी मार्ग (3.53 किमी) के लिए ₹252.57 लाख, संडी से पंडरिया मार्ग (3.25 किमी) के लिए ₹237.26 लाख, संडी से बेलगांव होते हुए ठंढार मार्ग (4.51 किमी) के लिए ₹211.53 लाख तथा खैरागढ़ क्षेत्र में जुनवानी से मडौदा मार्ग (3.84 किमी) के लिए ₹225.34 लाख, अमलीडीह से कुलीकसा मार्ग (3.69 किमी) के लिए ₹225.96 लाख और दुल्लापुर से केशला डुंडा रोड (4.50 किमी) के लिए ₹256.17 लाख का प्रावधान किया गया है।

पुल निर्माण के क्षेत्र में भी जिले को कई अहम परियोजनाएं मिली हैं। गंडई-लिमो-दुल्लापुर मार्ग पर कर्रा नाला तथा गंडई-कृंतबांस मार्ग पर सुरही नदी पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण के लिए प्रत्येक कार्य पर ₹200 लाख की लागत का अनुमान है, जिनमें इस वर्ष ₹20-20 लाख खर्च किए जाएंगे। ग्राम चिचका-कुरूभाठ में नाला पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण के लिए 32 लाख रुपए का प्रावधान है।

इसी प्रकार एस.एच.-21 धमधा-गंडई मार्ग के दनिया नाला, पैलीमेटा-खैरानवापारा-बेंद्री मार्ग स्थित सुरही नदी, साल्हेवारा-पेंडरावानी-समुंदपानी मार्ग के मगुरदा नाला तथा चोभर-बगारझोला-छिलमिली मार्ग के मगुरदा नाला पर पुल निर्माण के लिए कुल ₹760 लाख की लागत तथा ₹76 लाख का वार्षिक प्रावधान रखा गया है। कोपरो-ग्वालगुंडी मार्ग के विभिन्न स्थानों पर तीन उच्च स्तरीय पुल तथा भुरभुसी-बेंदरी मार्ग पर सुरही नदी पर पुल निर्माण के लिए ₹720 लाख की अनुमानित लागत और ₹72 लाख का वार्षिक व्यय प्रस्तावित है।

ग्रामीण संपर्क मार्ग एवं न्यूनतम आवश्यकता कार्यक्रम

ग्रामीण संपर्क को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राजनांदगांव-कवर्धा-पोंडी (एस-एच-5) मुख्य मार्ग से मरुतोला एप्रोच रोड (1 किमी) सहित पुल-पुलिया निर्माण हेतु ₹140 लाख तथा बीरूटोला-हटबंजा एवं सोनपुरी-कुटेली मार्गों के पुल-सड़क निर्माण के लिए ₹810 लाख की लागत निर्धारित की गई है, जिन पर क्रमशः ₹14 लाख और ₹81 लाख खर्च किए जाएंगे।

न्यूनतम आवश्यकता कार्यक्रम के अंतर्गत गातापार कला से विष्णुपुर, गभरा से शाखा मार्ग, तेन्दूभाठा से जोम ओटेबंध तथा बीरूटोला से कुलीकसा मार्ग जैसे कार्यों के लिए ₹880 लाख की लागत और ₹88 लाख का बजट प्रावधान रखा गया है। इसी प्रकार उदयपुर से खैरी, पेन्ड्रीकला से भरदा तथा कुकुरमुड़ा से गुमानपुर मार्ग निर्माण के लिए ₹560 लाख की लागत तथा ₹56 लाख का वार्षिक प्रावधान किया गया है। इन सड़कों के निर्माण से दूरस्थ वनांचल एवं ग्रामीण क्षेत्र सीधे मुख्य मार्गों से जुड़ जाएंगे।

सड़क सुदृढ़ीकरण एवं अन्य विकास कार्य

सड़क सुदृढ़ीकरण के तहत राजनांदगांव-कवर्धा-पोंडी मार्ग के विभिन्न खंडों में लगभग 31.50 किलोमीटर लंबाई में डामरीकरण एवं सतह मजबूतीकरण कार्य ₹1840 लाख की लागत से किया जाएगा, जिसमें इस वर्ष ₹184 लाख खर्च होंगे। कुकुरमुड़ा से सिंघौरी मार्ग (4.20 किमी) के मजबूतीकरण के लिए ₹420 लाख की लागत और ₹42 लाख का बजट प्रावधान है। धमधा-गंडई मार्ग (8.60 किमी) के सर्वेक्षण कार्य हेतु भी ₹40 लाख की लागत तथा ₹4 लाख का प्रावधान शामिल किया गया है।

जिला मुख्यालय खैरागढ़ में जनसुविधाओं को बढ़ाने के लिए 500 सीटर क्षमता का मल्टीपर्पस हॉल निर्माण कार्य हेतु 400 लाख की लागत का अनुमान लगाया गया है, जिसके लिए इस वर्ष 40 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। जिले के विकास के लिए इतनी व्यापक योजनाओं को एक साथ मिलने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने हर्ष व्यक्त किया है। विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रियंका खम्हन ताम्रकार और सांसद प्रतिनिधि भागवत शरण सिंह ठेलकाडीह, जनपद पंचायत सभापति शैलेंद्र मिश्रा, ज्योति जंघेल, भाजपा मंडल अध्यक्ष भोज बंजारे ने केसीजी जिले को करोड़ों की यह सौगात देने पर मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री का आभार व्यक्त किया है।