पटेल फिर बने छुईखदान ब्लॉक अध्यक्ष, कांग्रेस संगठन में विधायक गुट का दबदबा
जिला अध्यक्ष में नवाज गुट संतुष्ट, ब्लॉक स्तर पर विधायक खेमे की जीत – जश्न और आतिशबाजी से शक्ति प्रदर्शन
खैरागढ़. केसीजी जिले में कांग्रेस संगठन का नया ढांचा अब सिर्फ नियुक्तियों की सूची नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर चल रहे सियासी शक्ति संतुलन का साफ आईना बन गया है। लंबे समय से अटकी शहर और ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि जिला और ब्लॉक स्तर पर सत्ता की धुरी अलग-अलग खेमों में बंटी हुई है। जहां जिला अध्यक्ष पद पर नवाज गुट को संतुलन मिला, वहीं ब्लॉक अध्यक्षों के चयन में विधायक खेमे की निर्णायक जीत हुई है। इसी कड़ी में छुईखदान शहर से रामकुमार पटेल को दोबारा ब्लॉक अध्यक्ष बनाकर विधायक समर्थकों को बड़ा संदेश दे दिया गया।
ब्लॉक अध्यक्षों की सूची में विधायक खेमें का दबदबा
ब्लॉक स्तर पर हुई नियुक्तियों ने विधायक गुट की मजबूत पकड़ को उजागर कर दिया है। खैरागढ़ शहर में डॉक्टर अरुण भारतद्वाज, खैरागढ़ ग्रामीण से संदीप सिरमौर, छुईखदान शहर से रामकुमार पटेल, मुढ़ीपार से तेजराम वर्मा और गंडई से भाजपा के कद्दावर नेता विक्रांत सिंह को जिला पंचायत चुनाव में चुनौती देने वाले शत्रुघ्न (मन्नू) चंदेल की ताजपोशी ने यह दिखा दिया कि संगठन की जमीनी कमान अब विधायक समर्थकों के हाथ में है। राजनीतिक हलकों में इसे विधायक की रणनीतिक जीत माना जा रहा है, जिससे आगामी चुनावों से पहले उनका संगठनात्मक प्रभाव और मजबूत हुआ है।
जश्न, आतिशबाजी और मिठाइयों के साथ शक्ति प्रदर्शन
ब्लॉक अध्यक्षों की सूची सामने आते ही विधायक खेमे में खुला जश्न देखने को मिला। समर्थकों ने आतिशबाजी की और मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी जाहिर की। यह उत्सव सिर्फ खुशी नहीं बल्कि दिसंबर में होने वाले खैरागढ़ नगर पालिका चुनाव से पहले शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। जानकारों का मानना है कि कांग्रेस का यह संगठनात्मक पुनर्गठन पार्टी को चुनावी मोड में लाने की तैयारी है, जहां हर नियुक्ति के पीछे सियासी गणित और भविष्य की रणनीति साफ झलक रही है।



