महाधिवेशन से पहले यादव समाज में बगावत, दो-दो जिला अध्यक्ष से गहराई फूट

महाधिवेशन से पहले यादव समाज में बगावत, दो-दो जिला अध्यक्ष से गहराई फूट

प्रेस वार्ता में पदाधिकारियों का बड़ा दावा—ईश्वर यादव ही वैध अध्यक्ष, स्वयंभू नेतृत्व पर उठे सवाल

खैरागढ़. जिले में कोसारिया यादव समाज के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। शनिवार को नगर के बाके बिहारी मंदिर में आयोजित प्रेस वार्ता में समाज के पदाधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाज को जानबूझकर दो गुटों में बांटने की कोशिश की जा रही है, जिससे समाज में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।

प्रेस वार्ता में प्रदेश संगठन मंत्री सूर्यकांत यादव, जिला अध्यक्ष ईश्वर यादव, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष शिवानंद यादव सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में दावा किया कि वर्ष 2023 में 24 सर्किलों की बैठक के बाद सर्वसम्मति से ईश्वर यादव को जिला अध्यक्ष मनोनीत किया गया था, जिसमें प्रदेश स्तर के प्रतिनिधि भी शामिल थे। इसके बाद छुईखदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह भी आयोजित हुआ, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए थे।

एक ही संगठन, एक ही अध्यक्ष—पदाधिकारियों का दावा

प्रेस वार्ता के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक संगठन में अनुशासन और एकता सर्वोपरि होती है। ऐसे में एक जिले में दो-दो अध्यक्ष होना न सिर्फ असंवैधानिक है बल्कि समाज को कमजोर करने वाला कदम भी है।

युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष शिवानंद यादव ने कहा कि सामाजिक संगठन किसी राजनीतिक दल की तरह नहीं होता, जहां व्यक्ति पार्टी बदल सकता है। समाज एक ही होता है और उसमें एक ही नेतृत्व मान्य होता है।

स्वयंभू अध्यक्ष पर निशाना

पदाधिकारियों ने खैरागढ़ निवासी चंद्रशेखर यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे स्वयं को जिला अध्यक्ष घोषित कर रहे हैं, जबकि उनके पास न तो वैध पंजीयन की जानकारी है और न ही कोई आधिकारिक प्रमाण।

प्रदेश महामंत्री सुनील यादव ने कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ में कोसारिया यादव समाज का एक ही पंजीयन (क्रमांक 4473) मान्य है और उसी के तहत ईश्वर यादव का चयन हुआ है। उन्होंने साफ कहा कि जो लोग अलग संगठन या पद का दावा कर रहे हैं, उनका समाज से कोई संबंध नहीं है।

भूमि पूजन पर उठे सवाल

प्रेस वार्ता में एक और बड़ा मुद्दा समाज के नाम पर प्रस्तावित भूमि पूजन कार्यक्रम को लेकर उठा। पदाधिकारियों ने सवाल किया कि जिस जमीन पर भूमिपूजन किया जाना है, वह वास्तव में समाज के नाम पर है भी या नहीं।

उन्होंने मांग की कि संबंधित जमीन का खसरा नंबर, नक्शा और स्वामित्व के दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं, ताकि समाज को भ्रमित न किया जा सके।

वक्ताओं ने कहा कि जब किसी व्यक्ति को आवास योजना का लाभ लेने के लिए जमीन का मालिक होना जरूरी होता है, तो समाज के नाम पर भवन निर्माण के लिए भी स्पष्ट दस्तावेज होना चाहिए।

29 मार्च के कार्यक्रम पर भी विवाद

पदाधिकारियों ने बताया कि 8 मार्च को फतेह मैदान में समाज का महिला अधिवेशन, होली मिलन और सम्मान समारोह पहले ही आयोजित हो चुका है। ऐसे में 29 मार्च को फिर से कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर भी सवाल उठाए गए। उन्होंने इसे व्यक्तिगत स्वार्थ और वर्चस्व की राजनीति करार देते हुए कहा कि समाज को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।

समाज में एकता बनाए रखने की अपील

प्रेस वार्ता के अंत में पदाधिकारियों ने समाज के सभी 24 सर्किलों से अपील की कि वे किसी भी भ्रम में न आएं और केवल वैध एवं सर्वसम्मति से चुने गए नेतृत्व को ही मान्यता दें। उन्होंने कहा कि समाज की ताकत उसकी एकता में है और किसी भी प्रकार का विभाजन पूरे समाज को नुकसान पहुंचाएगा।

निर्वाचन प्रक्रिया से बना हु जिला अध्यक्ष- चंद्रशेखर 

चंद्रशेखर यादव ने अपने पक्ष में स्पष्ट किया कि उनका जिला अध्यक्ष पद विधिवत निर्वाचन प्रक्रिया के तहत तय हुआ है। उनके अनुसार जिले के कुल 23 सर्किलों में से 19 सर्किल अध्यक्षों की भागीदारी से 27 दिसंबर 2024 को बाकायदा चुनाव कराया गया, जिसमें नामांकन, नाम वापसी और निर्वाचन की पूरी प्रक्रिया अपनाई गई तथा विधिवत प्रमाणपत्र भी जारी हुआ। उन्होंने दावा किया कि सभी संबंधित सर्किल अध्यक्षों के हस्ताक्षर निर्वाचन रजिस्टर में दर्ज हैं और दुर्ग संभाग के अध्यक्ष की निगरानी में यह चुनाव संपन्न हुआ। चंद्रशेखर यादव का कहना है कि पूरे जिले में अधिकांश लोग उनके नेतृत्व को ही मान्यता दे रहे हैं, जबकि ईश्वर यादव को मात्र “ढाई सर्किल” के समर्थन से अनौपचारिक तरीके से बनाया गया है, जिसका कोई वैध आधार या पंजीयन नहीं है। 

उन्होंने आगे यह भी बताया कि उनका संगठन विधिवत पंजीकृत है और प्रदेश स्तर पर भी मान्यता प्राप्त है, जिसके तहत 29 तारीख को खैरागढ़ के श्री राम मंदिर बर्फानी धाम, टिकरापारा में महा अधिवेशन आयोजित किया जा रहा है, जिसे वे वैध और अधिकृत कार्यक्रम बता रहे हैं। उनके अनुसार इस महाधिवेशन में प्रदेश स्तर से लेकर जिले तक के अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और सामाजिक पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं, जिनमें शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, सांसद संतोष पाण्डेय, समाज के प्रदेश अध्यक्ष रमेश यदु सहित कई अतिथि आमंत्रित हैं। कार्यक्रम में पूजा-अर्चना, कलश यात्रा, प्रस्तावित यादव भवन का भूमिपूजन, सम्मान समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम और युवक-युवती परिचय सम्मेलन जैसे आयोजन रखे गए हैं। चंद्रशेखर यादव का कहना है कि यह महाधिवेशन समाज की एकजुटता, वैध नेतृत्व और संगठनात्मक मजबूती का प्रतीक है।