बजट में विकास की बड़ी घोषणाएं, लेकिन कई सड़कें और भवन अब भी फाइलों में
खैरागढ़ विधानसभा के विकास कार्यों पर सरकार का विधानसभा में जवाब, कई योजनाओं को मिली मंजूरी तो कई आज भी प्रशासकीय स्वीकृति का इंतजार कर रहीं
दो साल में विलोपित हो गईं कई अहम सड़क परियोजनाएं
खैरागढ़. विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2023-24, 2025-26 और 2026-27 के राज्य बजट में शामिल सड़क, पुल और भवन निर्माण कार्यों की स्थिति विधानसभा में सामने आई है। विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा के प्रश्न के लिखित उत्तर में लोक निर्माण विभाग मंत्री अरुण साव ने स्वीकार किया कि कई महत्वपूर्ण विकास कार्य अब तक प्रशासकीय स्वीकृति की प्रतीक्षा में हैं।
विधानसभा में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार वर्ष 2023-24 के बजट में शामिल कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं दो वित्तीय वर्ष बीत जाने के बाद प्रशासकीय स्वीकृति नहीं मिलने से विलोपित हो गईं। इनमें कटंगी खुर्द से अनियाटोला ग्राम पंचायत भोथली तक 3 किमी सड़क, कामठा से हरदी मार्ग (3 किमी), श्यामपुर से देवरच्चा-बकरकट्टा मार्ग (18 किमी) चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण, भोथली से बकरकट्टा मार्ग (10 किमी) चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण, ग्राम धनेली से देवारीभाठ गौठान होते हुए बढ़ईटोला-खैरागढ़ मार्ग (9 किमी) तथा भीमपुरी से बोरई मार्ग (5 किमी) शामिल हैं। विभाग ने बताया कि समय पर प्रशासकीय स्वीकृति नहीं मिलने के कारण ये प्रस्ताव विलोपित हो गए।
पुरानी सड़कें फिर बजट में शामिल, कई को अभी भी नहीं मिली मंजूरी
वर्ष 2025-26 के बजट में सरकार ने कई पुराने प्रस्तावों को दोबारा शामिल किया है। कामठा से हरदी पहुंच मार्ग (3 किमी) को 236.76 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। जबकि गंडई, धमधा एवं खैरागढ़ शहरी क्षेत्र का फोरलेन निर्माण, बेलगांव से मोहारा पहुंच मार्ग (5 किमी), भीमपुरी से बोरई पहुंच मार्ग (5 किमी), छुईखदान-बकरकट्टा मार्ग (8 किमी) चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण, आश्रित ग्राम बांधाटोला-कोहका-झोरी मार्ग (3 किमी) तथा धनेली-देवारीभाठ गौठान-बढ़ईटोला-खैरागढ़ मार्ग (9 किमी) अभी भी कार्यवाही प्रचलन में हैं और प्रशासकीय स्वीकृति की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
पुल निर्माण और नई सड़कें भी सर्वे व प्राक्कलन में अटकीं
विधानसभा में सरकार ने बताया कि खैरागढ़-अकरजन मार्ग पर मोती नाला, गंडई-कृतबांस मार्ग पर सुरदी तथा गंडई-लिमों-दुल्लापुर मार्ग पर कर्रा नाला के उच्चस्तरीय पुलों को प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। वहीं बघमर्रा-करमतरा मार्ग, धनगांव-गोदड़ी मार्ग पर आमनेर नदी, मानपुर पहाड़ी-मोहगांव (बालाघाट) मार्ग पर जंगलपुर नाला, दुर्ग-जालबांधा मार्ग पर कुलही नदी, साल्हेवारा (बैगा)-पण्डरापानी-समुंदपानी मार्ग पर मगुरदा नाला, चोभर-बगारझोला-छिलमिली मार्ग, तथा कोपरो-ग्वालघुंडी मार्ग के पुल अभी सर्वे या प्राक्कलन स्तर पर हैं। इसी तरह वर्ष 2026-27 की नई सड़कें कुकुरमुड़ा-सिंघौरी मार्ग, राजनांदगांव-कवर्धा-पोंडी मुख्य मार्ग से मरुतोला पहुंच मार्ग, बीरूटोला-गढ़बंजा मार्ग, सोनपुरी-कुटेली मार्ग, गातापार कला-विष्णुपुर मार्ग, गभरा-शाखा मार्ग, तेंदूभाठा-जोम ओटेबंध मार्ग तथा बीरूटोला-कुलीकसा मार्ग भी अभी प्रारंभिक प्रक्रिया में हैं।
भवन निर्माण योजनाओं में भी लंबी प्रतीक्षा
भवन निर्माण कार्यों में संयुक्त जिला कार्यालय भवन, जिला पशुधन विकास कार्यालय, नवीन लाइवलीहुड संस्थान भवन, उप संचालक कृषि कार्यालय भवन तथा न्यायालय संबंधी कुछ निर्माण कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। जबकि खैरागढ़ में 500 सीटर मल्टीपर्पस हॉल, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सह तहसील कार्यालय भवन, जिला जेल सुरक्षा कार्य, शासकीय हाईस्कूल देवरच्चा भवन, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झूरानदी एवं उदयपुर भवन, शासकीय महाविद्यालय जालबांधा-मुढ़ीपार भवन तथा नवीन पशु रोग अन्वेषण प्रयोगशाला भवन अभी भी प्राक्कलन स्तर पर लंबित हैं।
विधानसभा में सामने आई विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति
लोक निर्माण विभाग के जवाब से स्पष्ट हुआ कि खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र में बजट में घोषित अनेक सड़क, पुल और भवन निर्माण परियोजनाएं अभी भी प्रशासकीय स्वीकृति, सर्वे या प्राक्कलन के चरण में हैं। वहीं कई पुरानी परियोजनाएं समय पर स्वीकृति नहीं मिलने के कारण विलोपित भी हो चुकी हैं। ऐसे में अब क्षेत्र चर्चा है कि विधानसभा में घोषित ये विकास कार्य धरातल पर कब तक उतरते हैं।



