जनप्रतिनिधियों पर टिप्पणी को लेकर एफआईआर की मांग, लुकेश्वरी जंघेल ने बताया 900 किसानों की आवाज पर हमला
खैरागढ़. सीमेंट फैक्ट्री परियोजना को लेकर चल रहे विरोध के बीच अब सोशल मीडिया पर गाली-गलौच और आपत्तिजनक टिप्पणियों का मामला पुलिस तक पहुंच गया है। जिला भाजपा के.सी.जी. के युवा मोर्चा अध्यक्ष आयश सिंह बोनी ने थाना खैरागढ़ में लिखित शिकायत देकर फैक्ट्री हटाओ–गांव बचाओ नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अश्लील भाषा, गाली-गलौच और अभद्र टिप्पणियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत करने के दौरान शैलेन्द्र त्रिपाठी, ऋषभ सिंह, अनीश सिंह, दिनेश वर्मा, हर्षवर्धन वर्मा सहित अन्य लोग शामिल थे।
मर्यादा की सारी हदें लांग दी
शिकायत में कहा गया है कि उक्त व्हाट्सएप ग्रुप सीमेंट फैक्ट्री के विरोध के नाम पर बनाया गया है, जिसमें क्षेत्र के लोग अपने विचार साझा करते हैं, लेकिन इसी आड़ में कुछ लोगों ने मर्यादा की सारी सीमाएं तोड़ दी हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार ग्रुप में जुड़े लक्की और बृजभूषण सहित कुछ अन्य लोगों द्वारा जनप्रतिनिधियों के खिलाफ “साले, चोर, गद्दार, दलाल, नेताओं का जूता चाटने वाला जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर लगातार आपत्तिजनक चैटिंग की जा रही है।
जनप्रतिनिधियों की सामाजिक प्रतिष्ठा और सम्मान को ठेस पहुंची
आयश सिंह बोनी ने आरोप लगाया कि इस तरह की भाषा और टिप्पणियों से क्षेत्रीय व स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सामाजिक प्रतिष्ठा और सम्मान को ठेस पहुंची है तथा जनता के बीच नफरत और भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायत में इसे सुनियोजित तरीके से चरित्र हनन और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश बताया गया है।
पुलिस से जांच कर उचित कार्रवाई की मांग
शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि व्हाट्सएप ग्रुप में की गई ये टिप्पणियां भारतीय न्याय संहिता की धारा 196, 296, 356 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66-D के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आती हैं। शिकायतकर्ता ने पुलिस से मांग की है कि न केवल पोस्ट करने वालों बल्कि ग्रुप के एडमिन की भी भूमिका की जांच की जाए, क्योंकि ऐसी आपत्तिजनक सामग्री ग्रुप में लगातार प्रसारित होती रही है।
गाड़ी गलौच से मुद्दे गरमाया
थाना खैरागढ़ में दी गई शिकायत के बाद यह मामला अब कानूनी दायरे में आ गया है। राजनीतिक गलियारों में इसे सीमेंट फैक्ट्री विवाद से जुड़ी सोशल मीडिया पर चल रही वॉर ऑफ वर्ड्स का नया मोर्चा माना जा रहा है। जहां एक ओर किसान और ग्रामीण परियोजना का विरोध कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आरोप-प्रत्यारोप और गाली-गलौच ने पूरे मुद्दे को और ज्यादा गरमा दिया है।
अनावश्यक टिप्पणी करने वाले 100 लोगों को ग्रुप से हटाया गया- एडमिन
सीमेंट फैक्ट्री हटाओ–गांव बचाओ’ व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन विक्रम सिंह यादव (निवासी जंगलपुर) ने सोशल मीडिया पर उठे विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि उदान में दिए गए एक जनप्रतिनिधि के भाषण के बाद किसानों और ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश फैला, उसी की प्रतिक्रिया में ग्रुप में तीखी टिप्पणियां सामने आईं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रुप में करीब एक हजार लोग जुड़े थे, जिनमें छोटे बच्चे और अनावश्यक टिप्पणियां करने वाले भी शामिल हो गए थे, इसलिए लगभग सौ लोगों को हटाया गया। यादव ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग जरूर हुआ, लेकिन पूरा विवाद किसानों के आंदोलन, 6 दिसंबर की रैली और नेताओं के बयानों से उपजे तनाव का नतीजा है, न कि किसी संगठित साजिश का।
40 से अधिक गांवों के 900 से ज्यादा ग्रामीण परिवारों और किसानों के खिलाफ एफआईआर कराने के लिए खैरागढ़ निवासी भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष व अन्य द्वारा दिया गया आवेदन बेहद दुर्भाग्यजनक है
लुकेश्वरी जंघेल, अध्यक्ष किसान अधिकार संघर्ष समिति
दनिया-अतरिया-उदयपुर-हनईबन सम्पूर्ण परिक्षेत्र



