आठ माह में बननी थी सड़क, चार साल बाद भी अधूरी—ठेकेदार पर मेहरबान विभाग
देवरी हाईस्कूल–गौठान सड़क: 2.86 करोड़ की योजना
ग्रामीण विकास का दावा और जमीनी हकीकत में बड़ा फासला
खैरागढ़. ग्राम देवरी हाईस्कूल से गौठान तक 3.05 किलोमीटर लंबी सड़क को ग्रामीण विकास की अहम कड़ी बताते हुए वर्ष 2021–22 में स्वीकृति दी गई थी। इस सड़क के लिए 291.03 लाख रुपये की प्रशासनिक और 286.48 लाख रुपये की तकनीकी स्वीकृति मिली। लोक निर्माण विभाग खैरागढ़ के माध्यम से ठेका मेसर्स संजय सिंघी को दिया गया। वर्ष 2022 में शुरू हुआ यह काम आज चार साल बाद भी अधूरा है, जिससे सरकारी योजनाओं की जमीनी सच्चाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
काम शुरू हुआ, पर मंज़िल तक नहीं पहुंचा
निर्माण की तय समय-सीमा महज आठ माह थी, लेकिन काम आधे रास्ते में ही ठहर गया। सड़क पर केवल गिट्टी बिछाकर छोड़ दी गई है। न ब्लैक टॉपिंग हुई, न ही नालियों और शोल्डर का निर्माण पूरा किया गया। अधूरा काम अब ग्रामीणों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि रोज़ की परेशानी बन चुका है।
धूल और गड्ढों ने छीनी राहत
मौके की स्थिति बेहद चिंताजनक है। दिनभर उड़ती धूल से स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और राहगीर परेशान हैं। घरों के भीतर तक धूल जम रही है, जिससे आंख और सांस से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं। गर्मी में धूल और बारिश में कीचड़—हर मौसम में हालात बदतर बने रहते हैं।
कृषि और वनोपज मार्ग बना जोखिम भरा रास्ता
यह सड़क किसानों के लिए खेत, जंगल और गौठान तक पहुंच का प्रमुख जरिया है। अधूरे निर्माण के कारण ट्रैक्टर, दोपहिया और पैदल चलना तक जोखिम भरा हो गया है। जिस सड़क से खेती और वनोपज के परिवहन को आसान होना था, वही अब किसानों के लिए अतिरिक्त बोझ बन गई है।
दस्तावेजों में आधुनिक डिजाइन, जमीन पर अधूरा ढांचा
विभागीय कागजों में इस सड़क को ‘महत्वपूर्ण कृषि और वाणिज्यिक मार्ग’ बताते हुए जीएसबी, डब्लूएमएम, प्राइमर, टैक कोट, बीएम, एमएसएस, ड्रेनेज और पुल–पुलिया जैसी व्यवस्थाओं का उल्लेख है। लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से मेल नहीं खाती। भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ती रही, जबकि निर्माण कार्य की गति थमी रही—यही सबसे बड़ा सवाल है।
चार साल की देरी, निगरानी पर सवाल
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी राशि स्वीकृत होने के बावजूद सड़क का चार साल में पूरा न होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। यह स्थिति विभागीय निगरानी, कार्य प्रबंधन और जवाबदेही पर सीधा प्रश्नचिह्न लगाती है।
गुणवत्ता पर उठे गंभीर आरोप
देवरी क्षेत्र के निवासी आदित्य सिंह परिहार ने जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर सड़क निर्माण की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि मौके पर डाली गई जीरा गिट्टी की मात्रा भुगतान के अनुरूप नहीं है, जिससे गुणवत्ता पर संदेह पैदा होता है।
पुल–पुलिया के आंकड़ों में भी अंतर
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि दस्तावेजों में जहां सात सादा पुल दर्शाए गए हैं, वहीं स्थल निरीक्षण में केवल तीन पुल ही पाए गए। शेष पुलों का कोई भौतिक अस्तित्व नहीं मिला। इससे निर्माण में अनियमितताओं की आशंका और गहरी हो गई है।
मिलीभगत की आशंका, जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने ठेकेदार और संबंधित विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से गंभीर अनियमितताओं की आशंका जताई है। उन्होंने मांग की है कि सड़क निर्माण की सूक्ष्म जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो।
ग्रामीणों की मांग: प्राथमिकता में पूरा हो काम
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि देवरी हाईस्कूल–गौठान सड़क को प्राथमिकता पर पूरा कराया जाए। उनका कहना है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो जनजीवन, खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर इसका असर और गहरा होगा
ठेकेदार काम नही कर रहा था तो टेंडर कैंसल के लिए पत्राचार किया गया है। आप कल आफिस आ जाए पूरी जानकारी मिल जाएगी। मै अभी बाहर हूं।
फौजिया खान, अभियंता



