शिक्षकों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का आरोप, जिला शिक्षा अधिकारी उपेंद्र देवांगन के खिलाफ फेडरेशन ने खोला मोर्चा

शिक्षकों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का आरोप, जिला शिक्षा अधिकारी उपेंद्र देवांगन के खिलाफ फेडरेशन ने खोला मोर्चा

एक्शन प्लान और प्राचार्यों से वचन पत्र भरवाने पर भी जताई आपत्ति, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

खैरागढ़. खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में जिला शिक्षा अधिकारी उपेंद्र देवांगन की कार्यशैली और कर्मचारियों के साथ कथित व्यवहार को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने मोर्चा खोल दिया है। फेडरेशन के जिला संयोजक प्रखर शरण सिंह के नेतृत्व में शिक्षक संगठनों सहित अधिकारी-कर्मचारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यव्यवहार पर असंतोष जताया और उचित कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि वरिष्ठ शिक्षकों, प्राचार्यों और व्याख्याताओं को स्कूलों एवं बैठकों में सार्वजनिक रूप से खड़ा कर सवाल पूछने के नाम पर अपमानित किया जाता है। इसके अलावा कार्यालयीन समय के बाद बैठकें लेकर कर्मचारियों को डांटने-फटकारने और दबावपूर्ण कार्यशैली अपनाने की शिकायत भी की गई है। फेडरेशन ने कहा कि शिक्षा विभाग में अनुशासन के नाम पर कर्मचारियों की गरिमा प्रभावित करने वाला व्यवहार स्वीकार्य नहीं है और इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

फेडरेशन ने जिला शिक्षा अधिकारी उपेंद्र देवांगन द्वारा तैयार किए गए कथित एक्शन प्लान पर भी गंभीर आपत्ति जताई है। ज्ञापन के अनुसार, योजना के कई बिंदुओं को लेकर संगठन असहमत है, लेकिन उन्हें लागू करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। फेडरेशन का कहना है कि यदि ऐसा एक्शन प्लान आवश्यक है, तो उसे राज्य स्तर पर लागू किया जाना चाहिए, अन्यथा इसे तत्काल वापस लिया जाए। वहीं, स्कूलों के प्राचार्यों से दबावपूर्वक वचन पत्र भरवाए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। बच्चों के लिए होम टाइम टेबल तैयार करने की कथित योजना को भी अनुचित बताते हुए संगठन ने इसे बच्चों के अधिकारों से जोड़कर आपत्ति दर्ज कराई है। फेडरेशन ने कलेक्टर से जिला शिक्षा अधिकारी को कार्यशैली और आचरण में सुधार के लिए उचित निर्देश देने तथा शिकायतों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि शिकायतों के बावजूद कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ, तो फेडरेशन जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि शिक्षकों और कर्मचारियों के सम्मानजनक कार्य वातावरण तथा प्रशासनिक निर्णयों में उचित प्रक्रिया सुनिश्चित करना है। जिला संयोजक के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन के बाद अब मामले में जिला प्रशासन की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। हालांकि, जिला शिक्षा अधिकारी का पक्ष सामने आने के बाद ही लगाए गए आरोपों की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।