आरक्षण की लॉटरी ने खैरागढ़ में बदल दिए चुनावी समीकरण, कई दिग्गजों का पत्ता साफ

आरक्षण की लॉटरी ने खैरागढ़ में बदल दिए चुनावी समीकरण, कई दिग्गजों का पत्ता साफ

20 वार्डों में 10 सामान्य, 6 ओबीसी, 3 एससी और 1 एसटी; 7 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित, चौक-चौराहों पर शुरू हुई टिकट की चर्चा

कलेक्ट्रेट में लॉट निकली, डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों प्रक्रिया देखने पहुंचे 

खैरागढ़. आगामी नगर पालिका चुनाव से पहले खैरागढ़ के 20 वार्डों की आरक्षण प्रक्रिया सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में पूरी कर ली गई। प्रक्रिया को देखने के लिए भाजपा, कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, पार्षद, नगर पालिका अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। करीब डेढ़ सौ से अधिक लोगों की मौजूदगी ही बता रही थी कि शहर को चुनाव का कितना बेसब्री से इंतजार है। पूरी प्रक्रिया के दौरान रिकॉर्डिंग भी की गई और निर्धारित प्रक्रिया के तहत शांतिपूर्ण ढंग से वार्डों का आरक्षण तय किया गया।

20 वार्डों का गणित साफ, आधी सीट सामान्य वर्ग के खाते में

आरक्षण के बाद नगर पालिका के 20 वार्डों में 3 सीट अनुसूचित जाति (एससी), 1 सीट अनुसूचित जनजाति ( एसटी), 6 सीट अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और 10 सीट सामान्य वर्ग के लिए तय हुई हैं। यानी एससी को 15 प्रतिशत, एसटी को 5 प्रतिशत, ओबीसी को 30 प्रतिशत और सामान्य वर्ग को 50 प्रतिशत हिस्सेदारी मिली। इनमें अलग-अलग वर्गों से कुल 7 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। वार्ड 1, 10, 16 और 18 सामान्य महिला, वार्ड 8 और 17 ओबीसी महिला तथा वार्ड 20 एससी महिला के लिए आरक्षित हुआ है। वहीं वार्ड 2, 3, 6 और 19 ओबीसी मुक्त, वार्ड 4 एसटी मुक्त, वार्ड 14 और 15 एससी मुक्त तथा शेष सामान्य वार्ड मुक्त रखे गए हैं।

लॉट ने कहीं खुशी दी, कहीं चुनावी टिकट की उम्मीद पर पानी फेरा

आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होते ही राजनीतिक समीकरणों में हलचल तेज हो गई। जिन पार्षदों और दावेदारों को अपने पुराने वार्ड से दोबारा मैदान में उतरने की उम्मीद थी, उनमें से कई के वार्ड महिला या दूसरी आरक्षित श्रेणी में चले गए। ऐसे में अब उन्हें दूसरे वार्ड से जमीन तलाशनी होगी या पार्टी संगठन के अगले फैसले का इंतजार करना पड़ेगा। दूसरी ओर जिन नेताओं के वार्ड सामान्य अथवा उनकी अनुकूल श्रेणी में आए हैं, उनके चेहरों पर चुनावी उत्साह साफ नजर आया। आरक्षण के साथ ही कई संभावित दावेदारों ने सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ानी शुरू कर दी है।

मुक्त वार्ड मिलते ही दावेदारों की दौड़ शुरू

आरक्षण सूची सामने आते ही खैरागढ़ के राजनीतिक गलियारों में संभावित प्रत्याशियों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। खासकर सामान्य मुक्त और ओबीसी मुक्त वार्डों में कई पुराने चेहरे फिर से सक्रिय होते दिखाई दे रहे हैं। कुछ संभावित दावेदार सोशल मीडिया पर पोस्टर और अपनी उम्मीदवारी से जुड़े संदेश भी प्रसारित करने लगे हैं। यानी अभी पार्टियों ने टिकट की घोषणा नहीं की है, लेकिन वार्ड खुलते ही दावेदारों ने अपनी-अपनी राजनीतिक बिसात बिछानी शुरू कर दी है। अब संगठन किसे मौका देता है और किसे इंतजार कराता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।

अध्यक्ष की कुर्सी पर भी नजर, गिरिजा चंद्राकर को लेकर बढ़ी उत्सुकता

नगर पालिका अध्यक्ष पद को लेकर भी आरक्षण के बाद राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है। सामान्य महिला के लिए आरक्षित अध्यक्ष पद की संभावित दावेदारी को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दिया है। खास निगाहें वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष गिरिजा चंद्राकर को लेकर हैं कि भाजपा उन्हें दोबारा मैदान में उतारती है या किसी नए चेहरे पर दांव खेलती है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है और अन्य दावेदारों के नाम भी चर्चा में हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए अध्यक्ष पद का चेहरा तय करना इस चुनाव का अहम राजनीतिक फैसला होगा।

आरक्षण के बाद चुनावी रण सजना शुरू, अब टिकट पर टिकी नजर

वार्ड आरक्षण के साथ खैरागढ़ नगर पालिका का चुनावी रण धीरे-धीरे गर्म होने लगा है। दिसंबर के अंत तक चुनाव संपन्न होने की संभावनाओं के बीच अब राजनीतिक दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती जिताऊ चेहरों की तलाश होगी। एक तरफ आरक्षण ने कई पुराने दावेदारों की राह रोक दी है, तो दूसरी तरफ नए चेहरों को मौका मिलने की उम्मीद बढ़ी है। कलेक्ट्रेट से निकली आरक्षण की सूची अब खैरागढ़ के चौक-चौराहों की राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गई है—किस वार्ड से कौन उतरेगा, किसे टिकट मिलेगा और अध्यक्ष की कुर्सी तक कौन पहुंचेगा, इसका इंतजार अब पूरे शहर को है।