सरपंचों के 2% कमीशन आरोप के बाद अब CEO ने खोला मोर्चा, RES SDO के खिलाफ शिकायतों की फाइल लंबी
खैरागढ़. छुईखदान जनपद पंचायत में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) की SDO अंशु चतुर्वेदी को लेकर विवाद अब गंभीर प्रशासनिक शिकायत तक पहुंच गया है। उपलब्ध दस्तावेज बताते हैं कि मामला केवल सितंबर 2026 की शिकायत तक सीमित नहीं है। जनवरी 2026 में सुशासन शिविर 2025 के आवेदनों को लेकर जनपद पंचायत और RES के बीच पत्राचार हुआ था। इसके बाद 13 मई 2026 को जनपद पंचायत CEO ने कलेक्टर को पत्र भेजकर SDO पर प्रशासनिक निर्देशों की अवहेलना, जनदर्शन के आवेदनों से जुड़े प्राक्कलन वापस करने और शासकीय कार्यों में व्यवधान उत्पन्न करने के आरोप लगाए। पत्र में सुशासन तिहार की ड्यूटी को लेकर सार्वजनिक विभागीय ग्रुप में सवाल उठाने का भी उल्लेख किया गया था।

कमीशन के आरोपों से शुरू हुआ विवाद, सरपंचों ने तबादले तक की मांग की
जुलाई 2026 में जनपद पंचायत क्षेत्र के सरपंचों की ओर से SDO के खिलाफ संयुक्त शिकायत सामने आई। इसमें 2 प्रतिशत कमीशन की मांग करने, कमीशन नहीं देने पर फाइल रोकने, समय पर एस्टीमेट नहीं बनाने और जनप्रतिनिधियों से असंयमित भाषा में बात करने जैसे आरोप लगाए गए। एक शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि विकास कार्यों का एस्टीमेट बनवाने के लिए मंत्री, सांसद या विधायक के लेटरपैड से पत्र लाने की बात कही जाती थी। जनपद पंचायत CEO ने 8 जुलाई को यह शिकायत जिला पंचायत CEO को कार्रवाई के लिए भेजी और 24 अगस्त को दोबारा पत्र भेजकर कार्रवाई की स्थिति बताने का आग्रह किया। पत्र में कहा गया कि कार्रवाई नहीं होने से सरपंचों में असंतोष है।

अब CEO की शिकायत में हस्ताक्षर से लेकर मूल्यांकन की तारीख तक सवाल
18 सितंबर 2026 को जनपद पंचायत CEO ने स्वयं SDO (RES) के खिलाफ कलेक्टर और जिला पंचायत CEO को शिकायत भेजी। इसमें ग्राम पंचायत ठढार के कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र में CEO के लिए निर्धारित स्थान पर SDO द्वारा हस्ताक्षर किए जाने को अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन बताया गया है। वहीं ग्राम रैमडवा में पाइपलाइन विस्तार कार्य के दस्तावेजों में तकनीकी स्वीकृति 15 जुलाई, प्रशासकीय स्वीकृति और कार्य आदेश 16 जुलाई 2026 के हैं, जबकि मूल्यांकन 15 जुलाई को दर्ज होने पर सवाल उठाया गया है। CEO ने इसे जांच का विषय बताते हुए दस्तावेज भी संलग्न किए हैं।

एक ही अधिकारी को लेकर शिकायतों की कई परतें, अब उच्चस्तरीय जांच की मांग
दस्तावेजों से सामने आ रही पूरी कड़ी में जनवरी के सुशासन शिविर से जुड़े पत्राचार, मई में CEO की प्रशासनिक शिकायत, जुलाई में सरपंचों की संयुक्त शिकायत, अगस्त में कार्रवाई की स्थिति पूछने वाला पत्र और सितंबर में CEO की नई शिकायत शामिल है। यानी SDO को लेकर शिकायतों का सिलसिला कई महीनों से चल रहा है। अब CEO ने अधिकार क्षेत्र, कार्य मूल्यांकन, प्रशासनिक निर्देशों की अवहेलना और कार्यों में असहयोग से जुड़े आरोपों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। वहीं 2 प्रतिशत कमीशन मांगने समेत सरपंचों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी जिला स्तर पर कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। इन सभी आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
कुछ बिंदु में शिकायत प्राप्त हुए हैं। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
प्रेम कुमार पटेल , जिला पंचायत CEO




