देवरी में शासकीय जमीन पर कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने शिकायत कर की जांच की मांग
खैरागढ़ के ग्राम देवरी में शासकीय भूमि पर पक्का मकान निर्माण किए जाने को लेकर ग्रामीणों ने तहसीलदार के समक्ष शिकायत की है। 23 मार्च 2026 को की गई शिकायत में ग्राम पंचायत देवरी की सरपंच गंगोत्री वर्मा और उनके पति तथा पंच तेजराम वर्मा पर गौशाला चौक के पास शासकीय भूमि पर पिलर खड़े कर निर्माण की तैयारी करने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके की जांच कर निर्माण रोकने तथा नियमानुसार कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत की प्रतिलिपि जनपद पंचायत, एसडीएम और कलेक्टर कार्यालय में भी दी गई थी।
पट्टा दस्तावेज में हस्ताक्षर को लेकर सवाल
मामले में सामने आए दस्तावेजों के अनुसार 18 मई 2018 को मुख्यमंत्री आबादी पट्टा जारी किया गया था। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उस समय गंगोत्री वर्मा ग्राम पंचायत की सरपंच थीं, लेकिन पट्टा दस्तावेज में सरपंच के लिए निर्धारित स्थान पर उनके बजाय किसी अन्य व्यक्ति के हस्ताक्षर दिखाई देते हैं। इसी आधार पर ग्रामीणों ने पट्टा दस्तावेज की वैधता और उसके जारी होने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। हालांकि दस्तावेज में हस्ताक्षर किसके हैं और उनकी वैधता क्या है, इसका अंतिम निर्धारण संबंधित जांच अथवा न्यायालयीन प्रक्रिया में ही हो सकेगा।
खसरा 566 और 437 के अंतर ने बढ़ाया विवाद
आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों को लेकर भी ग्रामीणों ने गंभीर आपत्ति जताई है। उनके अनुसार मुख्यमंत्री आबादी पट्टा खसरा नंबर 566, रकबा 289 वर्गमीटर के नाम पर दर्शाया गया है, जबकि आवासीय डायवर्सन से संबंधित प्रपत्र-बी और मौके पर निर्माण की स्थिति खसरा नंबर 437, रकबा 280 वर्गमीटर से जुड़ी बताई जा रही है। यानी दस्तावेजों में अलग-अलग खसरा नंबर सामने आने से जमीन के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठी है। ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे मामले की राजस्व अभिलेखों के आधार पर निष्पक्ष जांच जरूरी है।
मामला न्यायालय में, ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग दोहराई
ग्रामीणों के अनुसार शिकायत के बाद मामला न्यायालय में विचाराधीन है और इसी को लेकर गांव में लगातार विरोध भी किया गया है। शिकायत में शासकीय भूमि पर निर्माण रोकने तथा संबंधित जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई थी।
इस पूरे मामले में सरपंच पति तेजराम वर्मा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पट्टा फर्जी नहीं है, बल्कि तहसीलदार द्वारा जारी किया गया है। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पट्टे से जुड़े नक्शा, खसरा और नाम सहित दस्तावेज तहसीलदार के हस्ताक्षर से जारी हुए हैं। सरपंच के हस्ताक्षर को लेकर उठ रहे सवाल पर उन्होंने पंचायत से जुड़े पुराने कार्ड और दस्तावेजी प्रक्रिया का हवाला देते हुए कहा कि इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित प्रकरण कलेक्टोरेट और तहसील में लगाया गया था, जिसका बाद में निराकरण हो चुका है।
तेजराम वर्मा, सरपंच पति ग्राम पंचायत देवरी




