वनांचल क्षेत्र साल्हेवारा में बालिका क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन

वनांचल क्षेत्र साल्हेवारा में बालिका क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत खेल मैदान में दिखा बालिकाओं का उत्साह, साल्हेवारा बनी विजेता और गंडई उपविजेता

साल्हेवारा। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा वनांचल क्षेत्र साल्हेवारा में बालिका क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी के निर्देशन एवं परियोजना अधिकारी, परियोजना छुईखदान  सुनील बंजारे के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रतियोगिता में बालिकाओं ने पूरे उत्साह, जोश और खेल भावना के साथ हिस्सा लिया। वनांचल क्षेत्र की बालिकाओं को खेल के माध्यम से अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करने वाला यह आयोजन उनके आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं व्यक्तित्व विकास की दिशा में उपयोगी रहा।

साल्हेवारा ने 47 रन से दर्ज की शानदार जीत

प्रतियोगिता में साल्हेवारा और गंडई की बालिका टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला हुआ। टॉस जीतकर साल्हेवारा की टीम ने पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। टीम ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 6 ओवर में 84 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। साल्हेवारा की ओर से पूर्णिमा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 49 रन बनाए। उनकी बेहतरीन बल्लेबाजी ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी गंडई की टीम ने प्रयास किया, लेकिन साल्हेवारा की टीम के प्रदर्शन के सामने निर्धारित 6 ओवर में 4 विकेट खोकर 37 रन ही बना सकी। इस प्रकार साल्हेवारा ने 47 रन से शानदार जीत दर्ज की और विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि गंडई की टीम उपविजेता रही। उत्कृष्ट बल्लेबाजी के लिए साल्हेवारा की खिलाड़ी पूर्णिमा को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

विजेता एवं उपविजेता टीम को विभाग ने किया सम्मानित

प्रतियोगिता के समापन पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विजेता एवं उपविजेता टीमों की बालिकाओं को प्रशस्ति पत्र, मेडल एवं उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस सम्मान से बालिकाओं का उत्साहवर्धन हुआ तथा उन्हें भविष्य में भी खेल और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिली।

परियोजना अधिकारी ने बालिकाओं को किया प्रोत्साहित

कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी सुनील बंजारे ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता, नेतृत्व और टीम भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों की बालिकाओं में भी अपार प्रतिभा है। आवश्यकता इस बात की है कि उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने के लिए उचित अवसर और प्रोत्साहन मिले।

उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत बालिकाओं के लिए ऐसे आयोजन करना उन्हें आगे बढ़ने, अपनी क्षमताओं को पहचानने तथा समाज में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए प्रेरित करता है। शिक्षा के साथ खेलों में भागीदारी बालिकाओं के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय अमले की रही उपस्थिति

कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी, परियोजना अधिकारी छुईखदान  सुनील बंजारे, परियोजना अधिकारी खैरागढ़, जिला पंचायत सदस्य  हेमलता मंडावी,  रंजना श्रीवास्तव, पर्यवेक्षक मुकेश्वरी कंवर, प्रेमलता धुर्वे, माधुरी जगत, कालेंद्री धुर्वे, भुनेश्वरी बंजारे, पूजा वर्मा, मनीषा एवं पल्लवी सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। साथ ही सेजेस स्कूल, साल्हेवारा के पीटीआई, प्रभारी प्राचार्य एवं अन्य शिक्षकगण भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

महिला एवं बाल विकास विभाग की इस पहल से वनांचल क्षेत्र की बालिकाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिला। प्रतियोगिता ने बालिकाओं में खेल भावना, आपसी सहयोग और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के साथ ही बेटियों को समान अवसर, सम्मान और प्रोत्साहन देने का संदेश दिया।