90 करोड़ की सड़क की पहली परत ही उखड़ी, जगह-जगह 6 से 8 इंच गहरे गड्ढे
राजनांदगांव से खैरागढ़ की ओर वन-साइड कैरिजवे का डामरीकरण दो महीने में बदहाल, सड़क पर गिट्टी उभरने से रात में सफर मुश्किल
खैरागढ़. करीब 90 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन सड़क में शुरुआती डामरीकरण की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। राजनांदगांव से खैरागढ़ की ओर आने वाले मार्ग पर एक तरफ के कैरिजवे में बिछाई गई पहली डामर परत कई स्थानों पर उखड़ गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं, वहीं कई हिस्सों में सड़क की सतह उबड़-खाबड़ दिखाई दे रही है। कहीं सड़क ऊपर उठी हुई है तो कुछ दूरी बाद अचानक नीचे बैठी नजर आती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कुछ स्थानों पर गड्ढों की गहराई करीब 6 से 17 इंच तक पहुंच गई है और डामर हटने के बाद नीचे की गिट्टी भी खुले तौर पर दिखाई दे रही है।
अभी पहली परत ही बिछी, आगे दो परतें बाकी; फिर भी सड़क की हालत ने बढ़ाई चिंता
तकनीकी तौर पर सड़क के इस हिस्से को एक तरफ का कैरिजवे कहा जा सकता है। निर्माणाधीन मार्ग पर अंतिम सड़क संरचना के लिए अलग-अलग परतों में कार्य किया जाना है। वर्तमान में एक तरफ पहली डामर परत का काम हुआ है, जबकि दूसरी तरफ अभी डामरीकरण शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में पहली परत के ही जगह-जगह खराब होने और उखड़ने से निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब सड़क पूरी तरह तैयार होगी और यातायात का दबाव बढ़ेगा, तब मौजूदा स्थिति में सड़क कितनी टिकाऊ रहेगी, इसकी जांच जरूरी है। हालांकि केवल पहली परत के क्षतिग्रस्त होने से अंतिम सड़क की गुणवत्ता पर निष्कर्ष निकालना तकनीकी रूप से उचित नहीं होगा, लेकिन परत उखड़ने, गड्ढे बनने और गिट्टी बाहर आने की स्थिति की तत्काल तकनीकी जांच जरूरी मानी जा रही है।

रात में सफर मुश्किल, उखड़े डामर और गड्ढों से हादसे का खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार रात के समय इस मार्ग से गुजरना परेशानी भरा हो गया है। कई जगह सड़क की सतह टूटने के कारण अचानक गड्ढे सामने आ जाते हैं। डामर उखड़ने से सड़क पर गिट्टी फैल गई है, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए परेशानी बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माणाधीन सड़क होने के बावजूद शुरुआती परत की स्थिति पर संबंधित अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए, ताकि आगे की परत बिछाने से पहले जरूरी सुधार किया जा सके।
सोनेसरार में गिट्टी बिछी, पानी का छिड़काव नहीं; घर-दुकानों में घुस रही धूल
दूसरी ओर सोनेसरार के पास सड़क निर्माण के लिए गिट्टी बिछाए जाने के बाद धूल की समस्या भी सामने आ रही है। नगर वासी का कहना है कि इस हिस्से में नियमित पानी का छिड़काव नहीं होने से सड़क किनारे रहने वाले लोगों के घरों और दुकानों तक धूल पहुंच रही है। दुकानदारों का कहना है कि लगातार उड़ रही धूल से कारोबार प्रभावित हो रहा है। वहीं बढ़ईटोला में फिलहाल पानी का छिड़काव किए जाने की बात सामने आई है, लेकिन ग्रामीणों की शिकायत है कि वे पिछले करीब चार महीने से निर्माण कार्य के चलते धूल और आवागमन की परेशानी झेल रहे हैं।
बढ़ईटोला और सोनेसरार के ग्रामीणों की अलग-अलग मांग, जल्द डामरीकरण की मांग
बढ़ईटोला के ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से निर्माणाधीन सड़क के कारण उन्हें धूल और आवागमन की परेशानी उठानी पड़ रही है, इसलिए उनके गांव के हिस्से में जल्द सड़क का निर्माण पूरा किया जाए। वहीं सोनेसरार के नगर वासियों की मांग है कि उनके क्षेत्र में बिछाई गई गिट्टी के बाद जल्द डामरीकरण किया जाए, ताकि धूल की समस्या से राहत मिल सके। विभाग की ओर से सड़क निर्माण आगे बढ़ाने की बात कही जा रही है, लेकिन ग्रामीणों के सामने सवाल यही है कि निर्माण पूरा होने की वास्तविक समयसीमा क्या है और तब तक धूल व यातायात की समस्या से उन्हें कैसे राहत मिलेगी।
90 करोड़ की सड़क पर इंजीनियरों की निगरानी पर सवाल
करीब 90 करोड़ रुपए की इस बड़ी परियोजना में शुरुआती डामर परत की मौजूदा स्थिति ने गुणवत्ता नियंत्रण और तकनीकी निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से जिला प्रशासन और अन्य विभागों के अधिकारी भी नियमित रूप से गुजरते हैं, ऐसे में सड़क की सतह पर दिखाई दे रही खराबियों का संज्ञान लेकर तकनीकी परीक्षण कराया जाना चाहिए। लोगों की मांग है कि पहली डामर परत के थिकनेस, बिटुमिन कंटेंट, ग्रेडेशन, कॉम्पैक्शन, सतह की समतलता और निर्धारित तकनीकी मानकों की जांच कराई जाए। यदि परीक्षण में निर्माण मानकों में कमी सामने आती है तो जिम्मेदारी तय की जाए और आगे की परत बिछाने से पहले आवश्यक सुधार कराया जाए।
पहली डामर परत के बाद तेज बारिश और पानी के कारण कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हुए हैं। सड़क पर अभी दो परतें और बिछाई जानी हैं। जहां पहली परत खराब हुई है, वहां क्षतिग्रस्त हिस्से को पूरी तरह हटाकर दोबारा डामरीकरण किया जाएगा।
-स्मारिका तिवारी, उप अभियंता खैरागढ़




