कैंटीन संचालन से लखपति दीदी बनीं नीरू निषाद
मछली पालन और कृषि से भी बढ़ी आमदनी, 8 महिलाओं को दे रहीं रोजगार
खैरागढ़. सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्राम पासलखखैरा की नीरू निषाद ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर मेहनत और स्वरोजगार के दम पर परिवार की आर्थिक तस्वीर बदल दी है। कभी मजदूरी पर निर्भर रहने वाली नीरू आज समृद्धि महिला स्व-सहायता समूह के माध्यम से कैंटीन संचालन, मछली पालन और कृषि से जुड़ी हैं। समूह से जुड़ने के बाद ऋण लेकर सिलाई कार्य से शुरुआत की और आगे मछली पालन तथा अन्य आजीविका गतिविधियों का विस्तार किया। कलेक्टर परिसर खैरागढ़ में गढ़-कलेवा कैंटीन का संचालन कर उन्हें इससे करीब 2 लाख रुपये वार्षिक आय हो रही है, जबकि मछली पालन से करीब 15 हजार और कृषि से करीब 30 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं। इस तरह विभिन्न गतिविधियों से उनकी सालाना आय करीब 2.50 लाख रुपये तक पहुंच गई है।
नीरू निषाद की सफलता का असर उनके परिवार तक ही सीमित नहीं है। गढ़-कलेवा कैंटीन के संचालन से वर्तमान में 8 महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। अब तक 10 लाख रुपये से अधिक का ऋण लेकर उन्होंने उसका उपयोग स्वरोजगार और आजीविका गतिविधियों के विस्तार में किया है। भविष्य में वह गढ़-कलेवा कैंटीन का विस्तार करने के साथ टेंट, साउंड सिस्टम और डेकोरेशन का काम बड़े स्तर पर शुरू करना चाहती हैं। उनकी कहानी बताती है कि स्व-सहायता समूह से जुड़कर उपलब्ध अवसरों का उपयोग और निरंतर मेहनत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ रोजगार देने की क्षमता भी विकसित कर सकती है।




