19.50 लाख की हाईमास्ट लाइटें 6 माह में तीसरी बार खराब

19.50 लाख की हाईमास्ट लाइटें 6 माह में तीसरी बार खराब

नवरात्रि में श्रद्धालुओं को अंधेरे में गुजरना पड़ सकता है, गुणवत्ता और रखरखाव पर उठे सवाल

सांसद संतोष पांडे की अनुशंसा पर तीन प्रमुख चौक-चौराहों पर लगाई गई थीं लाइटें, बार-बार खराब होने से नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल

खैरागढ़. शहर के प्रमुख चौक-चौराहों को रोशन करने के लिए अधोसंरचना मद से लगभग 19.50 लाख रुपए की लागत से लगाई गई हाईमास्ट लाइटें महज छह महीने में तीसरी बार खराब हो गई हैं। नवरात्रि के दौरान मंदिरों में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच लाइटों के बंद होने से प्रकाश व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद बार-बार खराबी सामने आने से लाइटों की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

सांसद की अनुशंसा पर तीन स्थानों पर लगाई गई थीं लाइटें

सांसद संतोष पांडे की अनुशंसा पर अधोसंरचना मद से मां दंतेश्वरी मंदिर चौक, जय स्तंभ चौक और मां शीतला मंदिर चौक में हाईमास्ट लाइटें लगाई गई थीं। इसका उद्देश्य प्रमुख धार्मिक स्थलों और व्यस्त चौक-चौराहों पर पर्याप्त रोशनी उपलब्ध कराना था। खासकर नवरात्रि और दशहरे के दौरान श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिले, इसी उद्देश्य से यह व्यवस्था की गई थी। लेकिन स्थापना के कुछ ही समय बाद लाइटों के बार-बार खराब होने से योजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठ रहे हैं।

छह महीने में तीसरी बार खराब, गुणवत्ता पर सवाल

लगभग 19.50 लाख रुपए की लागत से लगाई गई हाईमास्ट लाइटों का छह महीने के भीतर तीसरी बार खराब होना उपकरणों की गुणवत्ता, स्थापना कार्य और रखरखाव की व्यवस्था की जांच की जरूरत को रेखांकित करता है। बार-बार खराबी आने के बावजूद यदि स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है, तो संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।

फतेह मैदान और इतवारी बाजार में रहती है भीड़

मां दंतेश्वरी मंदिर से लगा फतेह मैदान और मां शीतला मंदिर चौक से सटा इतवारी बाजार शहर के व्यस्ततम इलाकों में शामिल हैं। नवरात्रि के दौरान यहां श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुरक्षा, आवागमन और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। लाइटों के बंद रहने से रात के समय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

नवरात्रि से पहले मरम्मत की चुनौती

नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बीच हाईमास्ट लाइटों का बंद रहना नगर पालिका के लिए चुनौती बन सकता है। जिस उद्देश्य से इन लाइटों पर लाखों रुपए खर्च किए गए थे, उसका लाभ लोगों को मिलना चाहिए। ऐसे में खराब लाइटों को तत्काल दुरुस्त कराने और भविष्य में बार-बार होने वाली खराबी रोकने की जरूरत है।

सुधार के लिए ठेकेदार को बोला गया था ठेकेदार सुधार करने के लिए लाइट को लेकर गए हैं जल्द ही उसे पुनः लगा दिया जाएगा।

पुनीत वर्मा, सीएमओ नगर पालिका खैरागढ़