जनता परेशान, जनपद सदस्य नाश्ते में मस्त; समस्याओं का निराकरण धड़ाम!

जनता परेशान, जनपद सदस्य नाश्ते में मस्त; समस्याओं का निराकरण धड़ाम!

जनपद सदस्यों को चाय-नाश्ते का मेन्यू याद, क्षेत्र की समस्याओं का हिसाब नहीं!

जनपद पंचायत में ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण के लिए आयोजित सामान्य सभा की बैठकें अब सवालों के घेरे में हैं। 

दो लाख रुपये चाय-नाश्ते पर खर्च, भास्कर ने सदस्यों से जाना बैठक का हाल

खैरागढ़.जनता ने जिन जनपद सदस्यों को अपने क्षेत्र की आवाज उठाने और विकास कार्यों को गति दिलाने के लिए चुनकर भेजा है, उनमें से कई सदस्य बैठक में समस्याएं रखने से भी कतराते नजर आ रहे हैं। वहीं, कुछ सदस्य लगातार मुद्दे उठाने के बावजूद निराकरण नहीं होने से हताश हैं। गुरुवार को आयोजित सामान्य सभा की बैठक के बाद सामने आई स्थिति जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और अधिकारियों की जवाबदेही, दोनों पर सवाल खड़े करती है। दैनिक भास्कर को विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बैठक में चाय-नाश्ते की व्यवस्था पर दो लाख रुपये से अधिक खर्च होने की बात सामने आई है। जनता की गाढ़ी कमाई से होने वाले खर्च के बीच गांवों की पेयजल, सड़क, नाली और सिंचाई जैसी बुनियादी समस्याएं अब भी लंबित हैं।

बैठक में केला, सेब, साबूदाना खिचड़ी और रसगुल्ले सदस्यों ने खाए, समस्याएं जस की तस

बैठक में जनपद सदस्यों के लिए केला, आधा पीस सेब, साबूदाना खिचड़ी, रसगुल्ला और चाय की व्यवस्था किए जाने की जानकारी सामने आई है। दूसरी ओर, ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। जनपद सदस्य बैठकों में समस्याएं उठाने और अधिकारियों से जवाब मांगने के लिए जिम्मेदार हैं, लेकिन जब बैठक में क्षेत्र की समस्याएं ही प्रभावी तरीके से नहीं उठतीं, तो ग्रामीणों की उम्मीदों को झटका लगता है। वहीं, कुछ सदस्यों का कहना है कि वे बार-बार मुद्दे उठाते हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी केवल आश्वासन देकर चले जाते हैं।

किरण मानिकपुरी (कुलीकसा) बोलीं- अधिकारी आते नहीं, काम होता नहीं

जनपद सदस्य किरण मानिकपुरी (कुलीकसा) ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सदस्य बार-बार समस्याएं उठाते हैं और काम की मांग करते हैं, लेकिन काम नहीं होता। उन्होंने कहा कि अधिकारी मौके पर आते नहीं हैं और आते भी हैं तो समस्याएं लिखकर चले जाते हैं, लेकिन उनका निराकरण नहीं होता। उन्होंने विशेष रूप से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। वहीं, चंदूलाल वर्मा (खजरी) ने छिंदारी बांध से पानी नहीं पहुंचने, नालियों की मरम्मत, सड़कों पर गड्ढों और बिजली कटौती का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि पिछली बैठक में भी समस्याएं रखी गई थीं, लेकिन करीब दो महीने बाद भी समाधान नहीं हुआ। इस बार भी अधिकारियों की ओर से काम कराने का आश्वासन ही मिला।

सोनपुरी में पानी की टंकी, मुड़ीपार में सिंचाई संकट

जनपद सदस्य लक्ष्मीबाई वर्मा (सोनपुरी) के पति देव कुमार वर्मा ने बताया कि गांव में करीब 56 लाख रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी में दरार और उसके चालू नहीं होने का मुद्दा सामान्य सभा में उठाया गया। उनके अनुसार, निर्माण के बाद से ही इस संबंध में सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने गांव में नहर निर्माण का काम लंबित रहने की समस्या भी रखी। वहीं, पुरुषोत्तम साहू (मुढ़ीपार) ने प्रधानपाट बैराज में पानी की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पानी नहीं मिलने से किसानों की सिंचाई प्रभावित हो रही है और खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं। उन्होंने सिंचाई का दायरा बढ़ाने के लिए पक्की नाली निर्माण की जरूरत भी बताई। खेमलता साहू (टोलागांव) ने गांव में पेयजल और नल कनेक्शन की समस्या उठाने की जानकारी दी। इन सदस्यों के बयानों से स्पष्ट है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं अब भी बनी हुई हैं।

मंजू वर्मा (भंडारपुर) को नहीं मिली समस्या, चंदूलाल ने बताया पुराना मामला लंबित

जनपद सदस्य मंजू वर्मा (भंडारपुर) से जब उनके क्षेत्र की समस्याओं और बैठक में उठाए गए मुद्दों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके पास कोई समस्या नहीं आई है। वहीं, भूपेंद्र सिंह (चारभाठा) ने बताया कि वे बैठक में देर से पहुंचे और तब तक बैठक समाप्त हो चुकी थी। सदस्यों के इन बयानों से बैठक में भागीदारी, समस्याओं की समीक्षा और निराकरण की प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं। बैठक में शैलेंद्र मिश्रा (अकरजन), हेम कल्याणी तोड़े ( टेकापारकला), महेश्वरी वर्मा (बैगाटोला) और गोपाल साहू (जुरला कला) के अनुपस्थित रहने की जानकारी भी सामने आई है। 

जनपद पंचायत के अधिकार क्षेत्र से बाहर के मामलों में हम संबंधित विभाग को पत्र लिखकर सदस्यों की आपत्तियों और प्रस्तावों से अवगत कराते हैं। संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए पत्र भेजे जाते हैं।

हिमांशु गुप्ता, सीईओ, जनपद पंचायत खैरागढ़