छुईखदान जनपद में प्रभारी सीईओ को हटाने की मुहिम तेज, 19 सदस्य एकजुट होने की चर्चा
निर्माण कार्यों की नस्तियां समिति के सामने पेश नहीं करने पर निलंबन का प्रस्ताव पारित, कोर्ट में रिट याचिका दायर होने की भी चर्चा
खैरागढ़. जनपद पंचायत छुईखदान में प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी केश्वरी देवांगन और शाखा प्रभारी सहायक ग्रेड 3 कोमल जंघेल के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर प्रशासनिक विवाद गहराता जा रहा है। संचार-संकर्म समिति की बैठक में निर्माण कार्यों की नस्तियां प्रस्तुत नहीं किए जाने के मामले में दोनों के विरुद्ध निलंबन की मांग का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया है।
वहीं, विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आ रही है कि प्रभारी सीईओ को पद से हटाने के मुद्दे पर जनपद पंचायत के 25 सदस्यों में से 19 सदस्य एकजुट बताए जा रहे हैं। इनमें 16 सदस्यों द्वारा कथित तौर पर न्यायालय में रिट याचिका दायर किए जाने की चर्चा है, जबकि तीन अन्य सदस्यों के समर्थन की बात कही जा रही है। हालांकि, रिट याचिका की वास्तविक स्थिति और सदस्यों की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
समिति के प्रस्ताव से बढ़ा प्रशासनिक दबाव
संचार-संकर्म समिति की 8 अक्टूबर 2026 को हुई बैठक की कार्यवाही के अनुसार, पूर्व बैठक में विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृत एवं प्रगतिरत निर्माण कार्यों की नस्तियां प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया था। आरोप है कि निर्धारित बैठक में संबंधित शाखा प्रभारी नस्तियां प्रस्तुत नहीं कर सके और इसके लिए प्रभारी सीईओ के निर्देश का हवाला दिया गया। समिति ने इसे अपने निर्णयों के अनुपालन में बाधा मानते हुए दोनों अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की। इस संबंध में 9 अक्टूबर को अनुविभागीय अधिकारी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा उपसंभाग छुईखदान ने जिला पंचायत सीईओ को प्रतिवेदन भेजकर आवश्यक कार्रवाई के लिए दस्तावेज प्रेषित किए।
19 सदस्यों के समर्थन की चर्चा, न्यायालय में चुनौती की जानकारी
जनपद पंचायत के भीतर प्रभारी सीईओ को हटाने की मांग अब राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का प्रमुख विषय बन गई है। सूत्रों के अनुसार, कुल 25 सदस्यों में से 16 सदस्यों ने कथित तौर पर रिट याचिका के माध्यम से न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है, जबकि तीन अन्य सदस्यों का समर्थन मिलने की बात सामने आ रही है। इस तरह कुल 19 सदस्यों के एकजुट होने की जानकारी है। यदि यह स्थिति दस्तावेजों से प्रमाणित होती है, तो यह प्रभारी सीईओ के पद पर बने रहने को लेकर जनपद पंचायत के भीतर बढ़ते असंतोष का संकेत होगा। हालांकि, याचिका की प्रति, हस्ताक्षरकर्ता सदस्यों की सूची और न्यायालयीन स्थिति की पुष्टि के बाद ही इस घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
शीतला मंदिर निर्माण की जांच भी प्रस्तावित
इसी बैठक में ग्राम पंचायत कुटेलीखला में धार्मिक धर्मस्व न्यास निधि से निर्माणाधीन शीतला मंदिर जीर्णोद्धार कार्य की प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति, किस्तों के भुगतान, पंचायत खाते में राशि जमा होने और निर्माण की वास्तविक स्थिति की जांच का प्रस्ताव भी पारित किया गया। तीन दिन के भीतर जांच प्रतिवेदन समिति के समक्ष प्रस्तुत करने की बात कही गई है।




